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CM Yogi: प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर बोले सीएम योगी “राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है”

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CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में जब उनसे प्रधानमंत्र बनने पर सवाल किया तो उन्होंने दिलचस्प बयान दिया और कहा, “राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है।” इस बयान ने न केवल राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई है बल्कि समाज में एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। हालांंकि यह चर्चा लंबे समय से दबी जुबान चल रही थी वह अब इस बयान के बाद से खुलेआम हो रही ही है।

हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में जब उनसे प्रधानमंत्री बनने के सवाल पर पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी सादगी से कहा – “मैं तो योगी हूं, राजनीति मेरे लिए पूर्णकालिक काम नहीं है।” यही नहीं, सड़कों पर नमाज पढ़ने की रोक पर भी उन्होंने दो टूक कहा “सड़कें चलने के लिए हैं, पूजा-पाठ के लिए नहीं। अनुशासन सीखना है तो प्रयागराज के महाकुंभ से सीखो।” योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा बुलडोजर मॉडल कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जरूरत थी। जहां अतिक्रमण होगा, जहां गैर-कानूनी गतिविधियां होंगी, वहां बुलडोजर चलेगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वो नेता जिन्होंने यूपी की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा। बुलडोजर मॉडल, सख्त प्रशासन और हिंदुत्व की मजबूत छवि के चलते पूरे देश में उनकी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। और अब सवाल उठने लगा है – क्या योगी आदित्यनाथ भविष्य में भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे? योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में जिस तरह से कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया, अपराधियों पर नकेल कसी, राम मंदिर का सपना साकार किया और बुलडोजर मॉडल के जरिए भ्रष्टाचार व अतिक्रमण पर वार किया उसने उनकी छवि एक सख्त, निर्णायक और राष्ट्रवादी नेता के रूप में स्थापित कर दी है। यही कारण है कि अब जनता ये सवाल पूछ रही है कि अगर यूपी में इतना बदलाव आ सकता है, तो पूरे देश में क्यों नहीं?

राजनीति को लेकर योगी आदित्यनाथ का दृष्टिकोण

CM Yogi: योगी आदित्यनाथ का यह बयान उनकी विचारधारा और कार्यशैली को भी स्पष्ट करता है। उनका मानना है कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समाज के लिए बेहतर कार्य करने का माध्यम होना चाहिए। वे अक्सर अपने भाषणों में कहते हैं कि राजनीति का असली उद्देश्य आम जनता की भलाई है और यह न केवल राजनीति का उद्देश्य होना चाहिए, बल्कि हर नेता का कर्तव्य भी होना चाहिए।

सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने कई जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू किया है, जिनमें किसानों के लिए विभिन्न योजनाएं, महिलाओं के लिए सुरक्षा की गारंटी, और राज्य की सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया है। उनके शासन में उत्तर प्रदेश में विकास के कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनसे राज्य में बदलाव आया है।

क्या यह बयान प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं को नकारता है?

CM Yogi: योगी आदित्यनाथ का यह बयान कई प्रकार से देखा जा सकता है। एक तरफ, उनके समर्थक इसे उनके निस्वार्थ और समर्पित दृष्टिकोण के रूप में देखते हैं, जो राजनीति को केवल सेवा का माध्यम मानते हैं। दूसरी तरफ, विपक्ष और उनके आलोचक इसे राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से दूर रहने की उनकी इच्छा के रूप में देख सकते हैं। कई लोग यह मानते हैं कि इस बयान के जरिए योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री बनने की अपनी संभावनाओं को खुद नकार रहे हैं, जबकि कुछ लोग यह मानते हैं कि यह केवल एक रणनीतिक बयान हो सकता है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ का यह बयान प्रधानमंत्री बनने की उनकी इच्छाओं को खत्म नहीं करता। उनका राजनीतिक करियर अभी भी बहुत मजबूत है, और बीजेपी के भीतर उनकी स्थिति मजबूत है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के विचार को नकार दिया है। उनका यह बयान सिर्फ यह दिखाता है कि वे राजनीति को एक जिम्मेदारी मानते हैं, न कि एक शक्ति का पद।

योगी आदित्यनाथ ने भले ही प्रधानमंत्री बनने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया हो, लेकिन जनता की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। यूपी के बाद अब पूरे देश में “योगी मॉडल” की गूंज सुनाई दे रही है। तो क्या आने वाले समय में योगी आदित्यनाथ देश की बागडोर संभाल सकते हैं? क्या 2029 में भारत को मिलेगा एक नया “योगी युग”?

सीएम योगी का राजनीतिक सफर

CM Yogi: योगी आदित्यनाथ ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से की थी और वे गोरखपुर से सांसद के रूप में लोकसभा में पहुंच चुके हैं। इसके बाद, 2017 में वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उनका मुख्यमंत्री बनने का निर्णय खुद बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का अहम रोल था। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश में कई बड़े बदलाव हुए, जिनमें कानून व्यवस्था में सुधार, सड़क विकास, और हिंदू धर्म से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का कार्यान्वयन शामिल था।

योगी आदित्यनाथ का व्यक्तित्व हमेशा से ही निडर और स्पष्टवादी रहा है। उनके फैसले अक्सर विवादों से जुड़े रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी और समर्थक उनकी नीतियों को राज्य के विकास के लिए आवश्यक मानते हैं। योगी ने हमेशा धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर जोर दिया है, और उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में अपनी पहचान इसी विशेषता के साथ बनाई है।

 

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