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5 मार्च पंचांग: गुरुवार को अभिजीत-विजय मुहूर्त का शुभ संगम, भद्रा और राहुकाल में रहें सावधान

5 मार्च के पंचांग के अनुसार गुरुवार को द्वितीया तिथि, अभिजीत और विजय मुहूर्त का शुभ संयोग है। इस दिन राहुकाल, भद्रा और अन्य कालों की जानकारी के साथ पूजा विधि का विशेष महत्व बताया गया है।
अभिजीत-विजय संयोग

5 March Panchang 2026: सनातन धर्म में पंचांग का बहुत महत्व माना जाता है। पंचांग के माध्यम से हमें हर दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ और अशुभ समय की सही जानकारी मिलती है। इससे लोग अपने जरूरी काम सही समय पर करने की योजना बनाते हैं।

सुबह नक्षत्र में होगा बदलाव

5 मार्च, गुरुवार को कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि रहेगी। यह तिथि शाम 5 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। हालांकि उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन द्वितीया तिथि ही मानी जाएगी।

नक्षत्र की बात करें तो उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र सुबह 8 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इसके बाद हस्त नक्षत्र शुरू हो जाएगा। इस दिन शूल योग सुबह 7 बजकर 46 मिनट तक प्रभावी रहेगा। करण की स्थिति में गर करण शाम 5 बजकर 3 मिनट तक रहेगा।

5 March Panchang 2026: अभिजीत-विजय संयोग
अभिजीत-विजय संयोग

5 March Panchang 2026: अभिजीत-विजय मुहूर्त का संयोग

अगर शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 4 मिनट से 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 9 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। खास बात यह है कि इसी दिन विजय मुहूर्त का भी संयोग बन रहा है, जो दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। अभिजीत और विजय दोनों ही मुहूर्त नए काम शुरू करने, महत्वपूर्ण फैसले लेने या शुभ कार्य करने के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं। इसके अलावा गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 21 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।

राहुकाल और अमृतकाल समय

सूर्योदय सुबह 6 बजकर 42 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 23 मिनट पर होगा। अमृतकाल सुबह 3 बजकर 11 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह 4 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।

अब अशुभ समय की जानकारी भी जरूरी है। राहुकाल दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड सुबह 6 बजकर 42 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 9 बजकर 37 मिनट से 11 बजकर 5 मिनट तक और दोपहर 3 बजकर 16 मिनट से 4 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 36 मिनट से 11 बजकर 23 मिनट तक और दोपहर 3 बजकर 16 मिनट से 4 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। इस दिन भद्रा की छाया भी बनी रहेगी, इसलिए महत्वपूर्ण कार्य करते समय सावधानी रखना बेहतर होगा।

गुरुवार पूजा का विशेष महत्व

गुरुवार का दिन भगवान नारायण, विजय की देवी मां पितांबरा और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। इस दिन पूजा में पीले रंग की वस्तुओं का उपयोग करना शुभ माना गया है। भगवान नारायण को केले, हल्दी, गुड़ के साथ चने की दाल और पीली मिठाई अर्पित करने का विधान है।

इस तरह 5 मार्च का दिन कई महत्वपूर्ण योग और मुहूर्त लेकर आ रहा है, इसलिए जरूरी काम करते समय सही समय का ध्यान रखना लाभदायक रहेगा।

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