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राष्ट्रीय

एससी समुदाय टिप्पणी मामले में आयोग का स्वतः संज्ञान, रिपोर्ट तलब
Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव के बीच एक नया विवाद सामने आया है, जिसने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े कथित अपमानजनक बयान को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस कदम ने न केवल राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ा दी है। आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है

ऑनलाइन ड्रग तस्करी पर बड़ा एक्शन, 122 मामलों का खुलासा

पवन खेड़ा ने हाईकोर्ट फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

Arvind Kejriwal: केजरीवाल का भाजपा पर हमला, टीएमसी को समर्थन

बंगाल में कानून-व्यवस्था पर सवाल, बदलाव का दावा

राज्य

बलिया में डबल मर्डर से सनसनी, पत्नी और सास की गला रेतकर हत्या
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने अपनी पत्नी और सास की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस की कई टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।
राजनीति

दलबदल की राजनीति: ‘आया राम, गया राम’ से लेकर एंटी-डिफेक्शन कानून तक का पूरा सच
भारत में आज दलबदल विरोधी कानून लोकतंत्र को स्थिर बनाए रखने का एक अहम आधार माना जाता है, लेकिन इसके पीछे एक लंबा और उथल-पुथल भरा इतिहास रहा है। लगातार अस्थिरता और दलबदल की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए 1968 में एक समिति का गठन किया गया, जिसने इस पर सख्त कानून बनाने की सिफारिश की।













































































































































