6 March Panchang: हर दिन नई तिथि और मुहूर्त अपने साथ कुछ खास लेकर आता है। हिंदू सनातन धर्म में किसी भी नए काम को शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त और सही तिथि देखना बहुत जरूरी माना जाता है, क्योंकि ऐसा करने से काम में सफलता और सकारात्मकता बढ़ने की मान्यता है।
आज के सभी शुभ मुहूर्त यहां देखें
6 मार्च, शुक्रवार के दिन भद्रा का प्रभाव रहने वाला है और कुछ समय के लिए राहुकाल भी रहेगा। इस दिन तृतीया तिथि शाम 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। इसलिए 6 मार्च के शुभ और अशुभ समय को जानना बहुत जरूरी है ताकि किसी भी काम को सही समय पर किया जा सके।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 22 मिनट से 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। अमृत काल का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 6 मिनट तक (7 मार्च) रहेगा। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 17 मिनट तक रहेगा, जबकि ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 3 मिनट से 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।

6 March Panchang: भद्रा काल में सावधानी जरूरी आज
अशुभ समय की बात करें तो 6 मार्च को राहुकाल सुबह 11 बजकर 05 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 8 बजकर 10 मिनट से 9 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड काल दोपहर 3 बजकर 29 मिनट से 4 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 9 बजकर 2 मिनट से 9 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
भद्रा काल सुबह 6 बजकर 42 मिनट से शाम 5 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इस दिन आडल योग सुबह 6 बजकर 42 मिनट से 9 बजकर 29 मिनट तक बनेगा। 6 मार्च को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का भी विशेष महत्व है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन महिलाएं अपने बच्चों और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं।
पश्चिम दिशा यात्रा से बचने की सलाह
भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का विशेष मुहूर्त शुक्रवार की शाम 7 बजकर 53 मिनट पर होगा और यह अगले दिन यानी 7 मार्च शनिवार की शाम 7 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इस व्रत में चंद्रोदय को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए व्रत 6 मार्च को ही रखा जाएगा।
अगर सूर्योदय और सूर्यास्त की बात करें तो 6 मार्च को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 42 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 25 मिनट पर होगा। चन्द्रोदय शाम 9 बजकर 14 मिनट पर होगा और यह अगले दिन सुबह 8 बजकर 2 मिनट तक दिखाई देगा। शुक्रवार के दिन दिशाशूल पश्चिम दिशा में माना जाता है, इसलिए इस दिन पश्चिम दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
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