रविवार देर रात कोलकाता एयरपोर्ट पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब स्पाइसजेट के एक विमान को अचानक आपात स्थिति में उतारना पड़ा। बताया जा रहा है कि विमान के एक इंजन में उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आ गई थी। विमान मुंबई से कोलकाता आ रहा था और जैसे ही कोलकाता एयरस्पेस में दाखिल हुआ, पायलट ने कंट्रोल टॉवर को इंजन में दिक्कत की जानकारी दी।
जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन तुरंत हरकत में आया। दमकल की गाड़ियां, एम्बुलेंस और मेडिकल टीम रनवे पर तैनात कर दी गईं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। रात करीब 11 बजकर 38 मिनट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ।
मुंबई से भरी थी उड़ान
स्पाइसजेट की यह फ्लाइट SG-670 मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रात में उड़ी थी और कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर बढ़ रही थी। करीब ढाई घंटे की उड़ान के दौरान जैसे ही विमान अपने गंतव्य के करीब पहुंचा, तभी पायलट ने एक इंजन से असामान्य आवाज और कंपन महसूस किया। तुरंत कंट्रोल टॉवर को इसकी सूचना दी गई और इमरजेंसी लैंडिंग की तैयारी शुरू कर दी गई।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि पायलट की तत्परता और एयरपोर्ट टीम की मुस्तैदी से किसी तरह की बड़ी घटना टल गई। लैंडिंग के तुरंत बाद तकनीकी टीम ने विमान की जांच शुरू कर दी है ताकि खराबी की असली वजह का पता लगाया जा सके।
टला बड़ा हादसा
जैसे ही विमान की खराबी की सूचना मिली, कोलकाता एयरपोर्ट पर पूरी इमरजेंसी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। रनवे पर दमकल की कई गाड़ियां और एम्बुलेंस लाइन में खड़ी कर दी गईं। मेडिकल टीम भी मौके पर मौजूद थी। लैंडिंग के बाद विमान को सेफ ज़ोन में पार्क किया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
एक अधिकारी ने बताया, “विमान रात 11:38 पर सुरक्षित उतरा और कुछ ही मिनटों बाद आपात स्थिति हटा ली गई। पायलट और ग्राउंड स्टाफ की तेजी ने बड़ा हादसा होने से रोक लिया।”
ऐसे हादसे अब आम हो रहे हैं
यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी विमान को उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी के कारण आपात स्थिति में उतरना पड़ा हो। पिछले महीने इंडिगो एयरलाइंस की एक फ्लाइट को कोलकाता से श्रीनगर जाते वक्त वाराणसी में उतारना पड़ा था। उस विमान में ईंधन रिसाव की शिकायत मिली थी। उस समय भी विमान में सवार 166 यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित रहे थे।
विमानन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि हाल के दिनों में ऐसी घटनाओं में इजाफा हुआ है। कई बार ये तकनीकी दिक्कतें मामूली होती हैं, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पायलटों को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ती है।






