PM MODI BHUTAN NEWS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को थिंपू के चांगलीमेथांग स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में भारत-भूटान संबंधों को “सहयोग और साझेदारी का नया युग” बताया। इस अवसर पर 1,000 मेगावाट की नई जलविद्युत परियोजना का शिलान्यास और रेल-कनेक्टिविटी व सौर ऊर्जा सहयोग के समझौते किए गए। भारत ने भूटान की अगली पंचवर्षीय योजना के लिए ₹10,000 करोड़ का समर्थन भी घोषित किया।
ऊर्जा सहयोग में नई छलांग
PM MODI BHUTAN NEWS: प्रधानमंत्री मोदी ने 1,000 मेगावाट की नई हाइड्रो पावर परियोजना का शिलान्यास किया, जिससे भूटान की उत्पादन क्षमता में करीब 40% वृद्धि होगी। उन्होंने पूर्व राजा जग्मे सिंग्ये वांगचुक की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी नीतियों ने भूटान को दुनिया का पहला “कार्बन-नेगेटिव” देश बनाया। कार्यक्रम के दौरान सौर ऊर्जा सहयोग को लेकर भी अहम समझौते हुए, जो आने वाले समय में क्षेत्रीय हरित ऊर्जा ढांचे को मजबूत करेंगे।
रेल कनेक्टिविटी और सीमा विकास पर जोर
PM MODI BHUTAN NEWS: कनेक्टिविटी को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “कनेक्टिविटी अवसर पैदा करती है और अवसर समृद्धि लाते हैं।” उन्होंने बताया, गेलेफु और समद्रुप जोंगखार को भारत के रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही, भारत ने गेलेफु माइंडफुलनेस सिटी के विकास में सहयोग और नई आव्रजन चौकियों की स्थापना का भी ऐलान किया। सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
₹10,000 करोड़ की आर्थिक सहायता
PM MODI BHUTAN NEWS: भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए ₹10,000 करोड़ की सहायता देने की घोषणा की है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और भूटान के रिश्ते भरोसे, सहयोग और साझा मूल्यों पर आधारित हैं। उन्होंने याद किया कि 2014 में उनकी पहली विदेश यात्रा भूटान की ही थी और तब से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत हुए हैं।
राजा वांगचुक की जयंती पर सम्मान
PM MODI BHUTAN NEWS: कार्यक्रम में भूटान के पूर्व राजा जग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती मनाई गई। पीएम मोदी ने उन्हें ज्ञान, सादगी और सेवा का प्रतीक बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व ने भूटान को टिकाऊ विकास का उदाहरण बनाया, जिससे पूरी दुनिया सीख ले रही है।
भविष्य की दिशा
PM MODI BHUTAN NEWS: विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-भूटान के बीच हुई ये पहल न केवल ऊर्जा और अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी, बल्कि दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग का नया मॉडल भी पेश करेंगी। दोनों देशों ने तय किया है कि परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर तेज़ी से काम किया जाएगा, ताकि साझेदारी के लाभ जल्द सामने आएं।
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