ख़बर का असर

Home » स्पोर्ट्स » Indian Women Boxing: ऑटो ड्राइवर की बेटी मीनाक्षी ने रचा इतिहास, साक्षी और जैस्मिन ने भी वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में जड़ा ‘गोल्डन पंच’

Indian Women Boxing: ऑटो ड्राइवर की बेटी मीनाक्षी ने रचा इतिहास, साक्षी और जैस्मिन ने भी वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में जड़ा ‘गोल्डन पंच’

Indian Women Boxing: मीनाक्षी, साक्षी और जैस्मिन की गोल्ड जीत

Indian Women Boxing: कज़ाखस्तान के अस्ताना में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप 2025 में भारतीय बेटियों ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे विश्व में भारत का परचम लहरा दिया। इस टूर्नामेंट में मीनाक्षी हुड्डा, साक्षी और जैस्मिन लैम्बोरिया—इन तीनों भारतीय मुक्केबाज़ों ने अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गर्व से भर दिया। इन तीन गोल्ड के साथ भारत ने कुल 11 पदक हासिल किए, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

Indian Women Boxing: मीनाक्षी, साक्षी और जैस्मिन की गोल्ड जीत
Indian Women Boxing: मीनाक्षी, साक्षी और जैस्मिन की गोल्ड जीत

मीनाक्षी हुड्डा: संघर्ष की मिट्टी से निकली विश्व चैंपियन

Indian Women Boxing: हरियाणा के रोहतक की बेटी मीनाक्षी हुड्डा की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। उनके पिता श्रीकृष्ण पिछले 30 वर्षों से ऑटो ड्राइवर का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी, लेकिन मीनाक्षी ने कभी अपने सपने को टूटने नहीं दिया। कई बार उन्हें अभ्यास के लिए उधार के बॉक्सिंग ग्लव्स भी लेने पड़ते थे, लेकिन उनके जज़्बे में कमी नहीं आई।

फाइनल मुकाबले में मीनाक्षी ने मेज़बान कज़ाखस्तान की अनुभवी मुक्केबाज़ नाज़िम काइज़ेबे को हराया और 48 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड जीता। उनकी जीत ने सिद्ध कर दिया कि हौसला और मेहनत किसी भी कठिन परिस्थिति को मात दे सकते हैं।

Indian Women Boxing: साक्षी, आक्रामक अंदाज से जीता गोल्ड

54 किलोग्राम भार वर्ग में साक्षी पूरे टूर्नामेंट में अपने आक्रामक अंदाज के लिए चर्चा में रहीं। बिजली की गति से पंच लगाना और विरोधियों को लगातार दबाव में रखना उनके खेल की सबसे बड़ी ताकत है। फाइनल में उनका मुकाबला अमेरिका की योसेलिन पेरेज़ से हुआ। साक्षी ने शुरुआत से ही मैच को अपने नियंत्रण में रखा और सर्वसम्मत निर्णय (Unanimous Decision) से गोल्ड पर कब्जा किया। यह जीत उनके आत्मविश्वास, मेहनत और दमदार रणनीति की मिसाल है।

जैस्मिन लैम्बोरिया: तकनीक और संतुलन की चैंपियन

भारत की तीसरी गोल्डन गर्ल जैस्मिन लैम्बोरिया ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में कमाल का प्रदर्शन किया। जैस्मिन की सबसे बड़ी ताकत है—उनकी लंबी रीच और सटीक तकनीक। फाइनल में उन्होंने ब्राज़ील की मुक्केबाज़ को 4-1 के अंतर से मात दी। मुकाबला तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जैस्मिन ने शांत दिमाग, शानदार रक्षण और सटीक हमला करते हुए स्वर्ण पदक जीता।

Indian Women Boxing: मीनाक्षी, साक्षी और जैस्मिन की गोल्ड जीत
Indian Women Boxing: मीनाक्षी, साक्षी और जैस्मिन की गोल्ड जीत
Indian Women Boxing: भारत का ऐतिहासिक सफर-

इन तीन गोल्ड के साथ भारत ने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में कुल 11 पदक (3 गोल्ड, 5 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज) जीते। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारत की महिला मुक्केबाज़ी अब दुनिया के बड़े देशों को सीधी चुनौती देने लगी है।मीनाक्षी, साक्षी और जैस्मिन की यह जीत सिर्फ खेल उपलब्धि ही नहीं, बल्कि भारतीय बेटियों की शक्ति, हौसले और बदलते वक्त की तस्वीर है। ये तीनों न केवल आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन गई हैं, बल्कि उन्होंने यह भी दिखा दिया है कि सपनों की उड़ान गरीबी, सीमाओं या परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती।

Written By- Anurag Vishwakarma

Read More: Ashes 2005 Comeback: 8 हारों के बाद इंग्लैंड की ऐतिहासिक वापसी

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube posterKhabar India YouTube

राशिफल