YOGI BABA: 25 नवम्बर 2025 यह तारीख सिर्फ कैलेंडर का अंक नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का उजाला लेकर आई है। प्राचीन इतिहास की धरोहर और रामकथा की अनश्वर स्मृतियों से भरा अयोध्या एक बार फिर नए युग की शुरुआत के द्वार पर खड़ा है। इसी पावन समय में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को लिखी भावनात्मक चिट्ठी के माध्यम से न केवल श्रद्धा का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक एकता और भविष्य की समृद्धि का संकल्प भी दिलाया।
आस्था, संस्कार और सभ्यता का पुनर्जागरण – योगी
योगी ने कहा कि यह सिर्फ मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि भारतीय आस्था, संस्कार और सभ्यता का पुनर्जागरण है, जो प्रदेश और देश को एक नए युग में प्रवेश करा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अयोध्या के बदलते स्वरूप को ‘आधुनिक भारत का आध्यात्मिक केंद्र’ बताया। सरकारी विकास योजनाओं से लेकर धार्मिक भव्यता तक, अयोध्या आज विश्व-पटल पर अपनी नई पहचान गढ़ रही है न केवल मंदिर के कारण, बल्कि स्मार्ट सिटी, सांस्कृतिक कॉरिडोर और अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ नए रोजगार और विकास संभावनाओं के कारण भी।

YOGI BABA: चिट्ठी में सबसे अधिक भावनात्मक बात
मुख्यमंत्री की चिट्ठी में सबसे अधिक भावनात्मक बात यह रही कि उन्होंने इन बदलावों को प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से जुड़ी आध्यात्मिक यात्रा बताया। प्रदेश में शांति, समृद्धि और सौहार्द की अपील करते हुए उन्होंने हर परिवार को इस “नए युग” का सहभागी बनने को कहा। अयोध्या के इस ऐतिहासिक क्षण को सिर्फ राजनीति, प्रशासन या विकास की नजर से नहीं, बल्कि उन करोड़ों लोगों की उम्मीदों से देखा जा रहा है, जिन्होंने वर्षों तक इस दिन की प्रतीक्षा की। योगी की यह चिट्ठी उन भावनाओं का आइना बनकर उभरी है, जो हर भारतीय के दिल में राम और अयोध्या के प्रति सम्मान, प्रेम और श्रद्धा के रूप में धड़कती हैं।







