Srilanka cyclone: भारत साइक्लोन से प्रभावित श्रीलंका की हर तरह से मदद कर रहा है। जरूरी सेवाओं को बहाल करने के लिए मानवीय मदद के तहत भारत ने मूवेबल मॉड्यूलर ब्रिज सिस्टम और सैकड़ों वॉटर प्यूरिफिकेशन यूनिट्स को श्रीलंका भेजा है। भारतीय मिशन ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी दी है। श्रीलंका में चक्रवात दित्वा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।
Srilanka cyclone: श्रीलंका में साइक्लोन ने मचाई तबाही
श्रीलंका में बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से इंफ्रास्ट्रक्चर को खासा नुकसान पहुंचा है। कई जिले अलग-थलग पड़ गए हैं जहां मदद नहीं पहुंच पा रही है। श्रीलंका में चक्रवात दित्वा की वजह से आई भयानक बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण बुधवार शाम तक कम से कम 479 लोग मारे गए हैं और 350 लापता हैं।
Srilanka cyclone: राहत पहुंचाने में होगी आसानी
इंडियन हाई कमीशन ने एक बयान में कहा कि कोलंबो के अनुरोध पर इंडियन एयर फोर्स का एक C-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट 500 वॉटर प्यूरिफिकेशन यूनिट्स और मूवेबल मॉड्यूलर ब्रिज सिस्टम के साथ श्रीलंका पहुंचा है। ब्रिज सिस्टम की मदद से अब उन इलाकों में भी मदद पहुंचाई जा सकेगी जहां हालात बेहद खराब हैं। इससे लैंडस्लाइड और बाढ़ से प्रभावित इलाकों में इमरजेंसी सेवाओं के लिए राहत पहुंचाना आसान होगा।
ऑपरेशन सागर बंधु के तहत भारत कर रहा मदद
मिशन ने कहा कि फ्लाइट में 22 लोग भी थे, जिनमें पुल लगाने वाले एक्सपर्ट इंजीनियर और पहले से तैनात फील्ड हॉस्पिटल की मदद के लिए एक मेडिकल टीम शामिल थी। भारत ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंका को मानवीय सहायता दे रहा है, जिसमें प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर हवाई, समुद्री और जमीनी ऑपरेशन किए जा रहे हैं।
श्रीलंका को हुआ भारी नुकसान
नेशनल डिजास्टर रिलीफ सर्विसेज सेंटर (NDRSC) के असिस्टेंट सेक्रेटरी जयतिस्सा मुनासिंघे के मुताबिक, बुधवार रात तक, 455,000 से अधिक परिवारों के 1.6 मिलियन से ज्यादा लोग फंसे हुए थे। सरकार 1,347 रिलीफ सेंटर चला रही है, जिनमें 188,000 से ज्यादा लोग रह रहे हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि साइक्लोन की वजह से कुल 6 बिलियन से 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है, जो देश की GDP का लगभग 3 से 5 प्रतिशत है।
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