Indigo Flight: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo पिछले तीन दिनों से गंभीर अव्यवस्था से जूझ रही है। एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल है, हजारों यात्री घंटों से फंसे हैं और उड़ानें लगातार रद्द होने के कारण स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। दिल्ली, बंगलूरू, हैदराबाद, मुंबई सहित कई बड़े शहरों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है और एयरपोर्ट्स पर लंबी कतारें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
48 घंटे में 550 उड़ानें रद्द, कुल संख्या 1,000 के पार
PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 48 घंटों में ही Indigo ने 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं। दिल्ली एयरपोर्ट पर 172 फ्लाइट्स नहीं उड़ सकीं, जबकि हैदराबाद से जुड़ी 33 उड़ानें और बंगलूरू में लगभग 70 उड़ानें रद्द की गईं। अनुमान है कि बीते कुछ दिनों में कुल मिलाकर करीब 1,000 फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं, जिसका असर देशभर के यात्रियों पर पड़ा है। यात्रियों के अनुसार, कई फ्लाइट्स बिना किसी पूर्व सूचना के रद्द कर दी गईं, जबकि कई को लगातार घंटे भर के अंतराल पर “डिले” का स्टेटस दिखता रहा। इससे लोग रातभर एयरपोर्ट्स पर फंसे रहे।
Indigo Flight: यात्री बेहाल 12 घंटे तक फंसे रहे फिर भी कोई अपडेट नहीं
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स X और Instagram पर यात्रियों ने इंडिगो की व्यवस्थाओं पर कड़ी नाराज़गी जताई है। एक यात्री ने लिखा कि वह अपनी फैमिली के साथ बीते 12 घंटे से हैदराबाद एयरपोर्ट पर फंसे हैं, लेकिन एयरलाइन की तरफ से कोई स्पष्ट अपडेट नहीं दिया गया। एक अन्य यात्री ने कहा कि इंडिगो के काउंटर पर इतने लोग खड़े हैं कि मदद मिलना लगभग नामुमकिन है। कई यात्रियों ने बताया कि न खाने-पीने की व्यवस्था कराई गई और न ही होटल की सुविधा दी गई।
48 घंटों में ऑपरेशन सामान्य करने का दावा
लगातार बढ़ते दबाव के बीच Indigo ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वे स्थिति को सामान्य करने के लिए 24×7 काम कर रहे हैं और 48 घंटे के भीतर उड़ान संचालन पटरी पर लाने की कोशिश में हैं। कंपनी ने असुविधा के लिए यात्रियों से माफी माँगी। एयरलाइन ने समस्याओं के कारणों पर सफाई देते हुए कहा कि अप्रत्याशित तकनीकी दिक्कतें,सर्दी के मौसम में घना कोहरा और विज़िबिलिटी की कमी,देशभर के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर बढ़ता कंजेशन,और क्रू ड्यूटी टाइम से जुड़े नए नियम, इन सभी ने उड़ानों की शेड्यूलिंग को बुरी तरह प्रभावित किया है। नतीजा यह कि बड़ी संख्या में फ्लाइटें देरी से चल रही हैं या रद्द करनी पड़ रही हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
जहाँ कंपनी इसे ऑपरेशनल चुनौतियाँ बता रही है, वहीं कई एविएशन एक्सपर्ट्स और पायलट फेडरेशंस का तर्क है कि इंडिगो की तैयारी कमजोर थी। स्टाफ की भारी कमी, अचानक शेड्यूल बदलाव और छुट्टियों के दौरान पर्याप्त प्लानिंग न होना ही इस संकट की बड़ी वजह मानी जा रही है। कई पायलटों का कहना है कि कंपनी लंबे समय से स्टाफ कम होने की समस्या से जूझ रही है, जिसका प्रभाव अब यात्रियों तक खुलकर दिखाई दे रहा है।
लेखक: निशी शर्मा
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