Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को रोजगार दिलाने के मिशन पर लगातार काम कर रही है। राज्य में ‘हर हाथ को काम, हर युवा को सम्मान’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सरकार एक बार फिर विशाल ‘द्वितीय रोजगार महाकुंभ’ का आयोजन करने जा रही है। इस बार यह भव्य आयोजन वाराणसी में होगा, जहां हजारों युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर खुलने वाले हैं।
9 और 10 दिसंबर को वाराणसी में जुटेंगी 293 कंपनियां
श्रम विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शनमुग सुन्दरम ने बताया कि रोजगार महाकुंभ का आयोजन 9 और 10 दिसंबर को वाराणसी के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आईटीआई करौंदी में होगा। इस दो-दिवसीय रोजगार मेले में 293 प्रतिष्ठित निजी कंपनियां भाग लेंगी, जो कुल 27,385 रिक्त पदों पर भर्ती करने के लिए तैयार हैं।
Uttar Pradesh News: लखनऊ के बाद अब काशी में दूसरा बड़ा रोजगार महाकुंभ
प्रमुख सचिव ने बताया कि अगस्त 2025 में लखनऊ में आयोजित पहले रोजगार महाकुंभ की तरह ही इस बार काशी में दूसरा बड़ा रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि यह आयोजन प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए नौकरी के नए द्वार खोलेगा।अब तक 21,685 युवाओं ने किया पंजीकरणआयोजन से पहले ही युवाओं का उत्साह देखने लायक है। अब तक 21,685 अभ्यर्थी ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीकृत युवाओं को मेले में प्रवेश QR कोड के माध्यम से दिया जाएगा, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू और डिजिटल रहे।
14 विदेशी कंपनियां भी देंगी मौके विदेश में नौकरी का सुनहरा अवसर
इस रोजगार महाकुंभ की सबसे खास बात यह है कि इसमें यूएई, ओमान और सऊदी अरब सहित कुल 14 विदेशी कंपनियां भी भाग ले रही हैं। ये कंपनियां भारतीय युवाओं को सीधे विदेश में रोजगार प्रदान करेंगी।यह पहली बार है जब वाराणसी में इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय जॉब प्लेटफॉर्म तैयार हो रहा है।
Uttar Pradesh News: मंत्री अनिल राजभर ने की तैयारियों की समीक्षा
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम सत्येन्द्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रभाकर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
युवाओं में उम्मीद बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने की संभावना
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस महाकुंभ से वाराणसी और आसपास के हजारों युवाओं को नौकरी मिलने की पूरी उम्मीद है। कंपनियों का पैमाना, विदेशी भागीदारी और पदों की संख्या इस रोजगार मेले को विशेष और ऐतिहासिक बना रही है।
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