Saharanpur News: एक भयावह प्रेम कहानी ने हैवानियत का रूप ले लिया जब सहारनपुर के टैक्सी ड्राइवर बिलाल ने अपनी प्रेमिका उमा की बेरहमी से हत्या कर दी। 30 वर्षीय उमा की हत्या के बाद आरोपी ने उसका सिर काटकर 80 किलोमीटर दूर यमुनानगर के जंगलों में फेंक दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पहले जानें क्या है मामला…
यह सनसनीखेज घटना 6 दिसंबर की रात हुई लेकिन खुलासा 14 दिसंबर को हुआ जब यमुनानगर पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाई। पुलिस के अनुसार आरोपी बिलाल नकुड़ थाना क्षेत्र के टिडोली गांव का निवासी है जबकि मृतका उमा देहात कोतवाली क्षेत्र की गंगोत्री कॉलोनी में किराए पर रहती थी। पूछताछ में बिलाल ने बताया कि 14 दिसंबर को उसकी बरात जानी थी। उमा उस पर शादी करने का दबाव डाल रही थी जबकि उसके घरवालों ने पहले ही उसकी शादी किसी और से तय कर दी थी। लगातार बढ़ती जिद और तनाव से परेशान होकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
बिलाल ने 6 दिसंबर की शाम अपनी कार में उमा को बैठाया और यमुनानगर के कलेसर जंगल की ओर चला गया। वहां दोनों के बीच काफी बहस हुई और इसी दौरान बिलाल नै धारदार हथियार से उमा का गला काट दिया। हत्या के बाद वह सिर को पॉलीथिन में डालकर अपने साथ ले गया और लगभग 80 किमी दूर हिमाचल-हरियाणा सीमा के पास लालढांग क्षेत्र में फेंक आया।
Saharanpur News: सीसीटीवी और मोबाइल ने खोली पोल
7 दिसंबर को यमुनानगर के बहादुरपुर इलाके में महिला का शव बिना सिर के मिला। उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी खंगाले तो एक सहारनपुर नंबर की कार दिखाई दी। लोकेशन ट्रेस करने पर मोबाइल सिग्नल हथिनीकुंड और टिडोली क्षेत्र में सक्रिय मिले। इसी सुराग ने पुलिस को टिडोली गांव तक पहुंचाया जहां से शनिवार को आरोपी बिलाल को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि गुस्से में उसने उमा की हत्या की।
दो साल से था रिश्ता खर्च भी उठाता था बिलाल
पुलिस जांच में सामने आया कि उमा पहले से शादीशुदा थी, लेकिन पति से अनबन के कारण अलग रह रही थी। करीब दो साल पहले उसकी मुलाकात बिलाल से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन में भी रहे। उमा का खर्च भी बिलाल ही उठाता था लेकिन इस रिश्ते की जानकारी उसने अपने परिवार से छिपा रखी थी। पहचान न होने के कारण पुलिस ने छह दिन बाद उमा के शव का अंतिम संस्कार सामाजिक संस्था की मदद से करा दिया था। जब पुलिस ने आरोपी को पकड़ा तब जाकर शव की पहचान उमा के रूप में हुई।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लालढांग क्षेत्र से उमा का सिर और कपड़े बरामद किए हैं। हत्या में इस्तेमाल हथियार की तलाश अभी जारी है।







