PM Modi controversy: कांग्रेस की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए नारों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे को संसद सत्र के दौरान सार्वजनिक रूप से उठाते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
‘लोकतंत्र में विरोध की भी एक सीमा’
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले मीडिया से बातचीत में किरेन रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन भाषा और सोच की एक गरिमा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री के खिलाफ जो नारे लगाए गए, वे न सिर्फ आपत्तिजनक हैं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को भी ठेस पहुंचाते हैं।
PM Modi controversy: कांग्रेस नेतृत्व पर सीधी जिम्मेदारी
रिजिजू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में केवल सफाई या खंडन पर्याप्त नहीं है। उनका कहना था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आगे आकर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि संसद सत्र के दौरान सार्वजनिक रूप से माफी मांगना ही यह साबित करेगा कि कांग्रेस ने अपनी गलती स्वीकार की है।
PM Modi controversy: भाजपा का उदाहरण देकर कांग्रेस को घेरा
केंद्रीय मंत्री ने 2014 का जिक्र करते हुए कहा कि जब भाजपा की एक सांसद द्वारा अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया गया था, तब प्रधानमंत्री मोदी ने तत्काल हस्तक्षेप कर संसद में माफी मंगवाई थी। रिजिजू ने कहा कि यही राजनीतिक संस्कृति भाजपा और एनडीए की पहचान रही है, जहां व्यक्तिगत अपमान या हिंसक भाषा को कभी स्वीकार नहीं किया गया।
‘राजनीतिक संघर्ष अलग, व्यक्तिगत सम्मान अलग’
रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक लड़ाई विचारों की होती है, न कि व्यक्ति के अस्तित्व पर हमला करने की। उनका सवाल था कि विरोध की राजनीति में किसी नेता के खिलाफ ‘मौत’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किस मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताया।
प्रधानमंत्री पद की गरिमा का सवाल
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ एक पार्टी के नेता नहीं, बल्कि 1.4 अरब भारतीयों के प्रतिनिधि हैं और वैश्विक मंच पर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल पूरे देश की छवि को ठेस पहुंचाता है।
माफी की मांग पर अडिग भाजपा
रिजिजू ने दो टूक कहा कि जब तक कांग्रेस नेतृत्व संसद में खड़े होकर जनता से माफी नहीं मांगता, तब तक यह मुद्दा समाप्त नहीं माना जाएगा। भाजपा इसे केवल राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादा से जुड़ा प्रश्न मान रही है।
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