Meerut News: मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर स्थित काशी टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है जहाँ रविवार दोपहर टोलकर्मियों की दबंगई का चौंकाने वाला मामला सामने आया। ड्यूटी पर तैनात एक यूपी पुलिस के सिपाही का आधिकारिक पहचान पत्र (आईकार्ड) टोलकर्मियों ने फर्जी करार दिया और मामूली कहासुनी के बाद सिपाही और उसके चचेरे भाई पर जानलेवा हमला कर दिया।
सिपाही हुआ घायल
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में तैनात और मुजफ्फरनगर निवासी सिपाही वासुदेव अपने चाचा और चचेरे भाई देवांश के साथ दिल्ली से मुजफ्फरनगर लौट रहे थे। जब उनकी कार काशी टोल प्लाजा के टोलबूथ पर पहुँची तो टोलकर्मी ने फास्टैग की माँग की। सिपाही वासुदेव ने सरकारी नियमों के तहत छूट के लिए अपना पुलिस आईकार्ड दिखाया। आरोप है कि टोलकर्मी ने तुरंत आईकार्ड को फर्जी बताते हुए सिपाही पर टोल शुल्क देने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब सिपाही ने इसका विरोध किया तो यह मामला गरमा गया। बताया जाता है कि लगभग 12 टोलकर्मियों ने अचानक लाठी-डंडों से लैस होकर वासुदेव और देवांश पर हमला बोल दिया। सरेआम हुई इस क्रूर मारपीट में सिपाही और उसका चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गए जिससे टोल प्लाजा पर दहशत और अफरातफरी का माहौल बन गया। टोल लाइनों में खड़े वाहन चालकों ने यह भयावह मंजर देखा।
Meerut News: घटनाओं के लिए सुर्खियों में रहा है टोल प्लाजा
घटना की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई और घायल सिपाही वासुदेव तथा उनके भाई देवांश को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना ने टोल प्लाजा पर सुरक्षा कर्मियों के मनमाने और हिंसक व्यवहार पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। काशी टोल प्लाजा पहले भी कई बार ऐसी घटनाओं के लिए सुर्खियों में रहा है जहाँ भाकियू कार्यकर्ताओं उत्तराखंड पुलिसकर्मी और गाजियाबाद की महिला अधिवक्ता के साथ भी अभद्रता और मनमानी टोल वसूली के प्रयास किए जा चुके हैं। इस ताज़ा घटना ने टोल प्लाजा पर आम नागरिकों और यहाँ तक कि सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
Report By: यश मित्तल
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