Bihar BJP: भाजपा ने रविवार को अपने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का एलान कर दिया। दरअसल, बिहार के वरिष्ठ नेता और पार्टी के दिग्गज मंत्री नितिन नबीन को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नितिन नबीन संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तब तक जिम्मेदारी संभालेंगे जब तक पूर्ण अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो जाता।
एक नजर भाजपा के इतिहास पर
वहीं अब अगर एक नजर भाजपा के इतिहास पर डालें तो भाजपा में कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका हमेशा अहम रही है। इससे पहले पार्टी ने जितने भी कार्यकारी अध्यक्ष बनाए हैं, उन्हें यह जिम्मेदारी अक्सर पूर्ण अध्यक्ष बनने तक निभानी पड़ी है। भाजपा के पहले कार्यकारी अध्यक्ष जना कृष्णमूर्ति थे। साल 2000 में पार्टी ने बंगारू लक्ष्मण को अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन एक साल बाद तहलका मैगज़ीन के स्टिंग ऑपरेशन के बाद लक्ष्मण ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 2001 में जनता कृष्णमूर्ति को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और कुछ समय बाद उन्हें पूर्ण अध्यक्ष का पद भी सौंपा गया।
Bihar BJP: जेपी नड्डा का भी उदाहरण
2002 में कृष्णमूर्ति ने केंद्र सरकार में मंत्री पद ग्रहण किया, जिसके बाद वेंकैया नायडू पूर्णकालिक अध्यक्ष बने। वहीं, जेपी नड्डा का उदाहरण भी उल्लेखनीय है। 2019 में अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया, और 2020 में उन्हें भाजपा का पूर्ण अध्यक्ष चुना गया। उनका कार्यकाल चुनाव और संगठन की स्थिति के कारण 2024 तक बढ़ा। इस परिप्रेक्ष्य में नितिन नबीन के पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इसका औपचारिक एलान खरमास के बाद हो सकता है।
Bihar BJP: कौन हैं नितिन नबीन?
नितिन नबीन भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और जेपी आंदोलन से जुड़े दिवंगत नबीन सिन्हा के बेटे हैं। उनका जन्म 23 मई 1980 को पटना में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में हुई और राजनीति में कदम उन्होंने 26 वर्ष की उम्र में अपने पिता की विरासत संभालने के लिए रखा। 2005 में पटना पश्चिम सीट से विधायक बने नितिन नबीन ने उपचुनाव में जीत के बाद लगातार अपनी राजनीतिक छवि मजबूत की।
पार्टी संगठन में नितिन नबीन का कद बड़ा रहा है। 2008 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य सह प्रभारी बनाया गया। 2010-2013 तक वे भाजयुमो के राष्ट्रीय महामंत्री रहे। 2013 में वे IVLP कार्यक्रम के तहत 15 दिनों की अमेरिकी यात्रा पर गए। इसके बाद 2016-2019 तक भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष और 2019 में सिक्किम के लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव प्रभारी बने। 2021 से 2024 तक नितिन छत्तीसगढ़ में सह-प्रभारी और 2024 में राज्य प्रभारी नियुक्त किए गए। उनके नेतृत्व में 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की, जबकि पहले कयास यही थे कि कांग्रेस स्थिति में मजबूत है। नितिन नबीन की रणनीति और चुनावी प्रबंधन की वजह से पार्टी को भारी सफलता मिली।
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