Raebareli News: उत्तर प्रदेश के रायबरेली ज़िले से एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है। डलमऊ क्षेत्र के रामपुर बरारा गांव में स्थित ऐतिहासिक रामजानकी मंदिर से शनिवार रात करीब 12 करोड़ रुपये मूल्य की अष्टधातु से बनी राम लक्ष्मण और सीता की मूर्तियां चोरी हो गईं। 1890 में स्थापित यह मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है जहां इतनी बड़ी चोरी ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
बड़ी सावधानी से वारदात को दिया अंजाम
दरअसल, बीते दिन रविवार सुबह जब मंदिर प्रबंधक राजाराम वाजपेयी नियमित पूजा के लिए पहुंचे तो उन्होंने देखा कि गर्भगृह से तीनों मूर्तियां गायब हैं। बाहर का ताला जस का तस था लेकिन अंदर का ताला टूटा हुआ मिला। अनुमान है कि चोर रात के अंधेरे में चहारदीवारी फांदकर मंदिर के भीतर घुसे और बड़ी सावधानी से वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुट गए। लोगों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में रात्रि गश्त की कमी के कारण ही यह घटना घटी। आक्रोशित भक्तों ने चोरी का जल्द खुलासा करने और मूर्तियों की बरामदगी की मांग की।
Raebareli News: जांच में जुटी पुलिस
सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर जांच की। उन्होंने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस की टीमों को संभावित मार्गों और संदिग्ध इलाकों में भेजा गया है।
मामले में प्रबंधक वाजपेयी का कहना है कि मूर्तियां लगभग एक क्विंटल वज़न की थीं और अष्टधातु से निर्मित थीं। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी मूर्तियों की कीमत उनके वजन धातुओं की गुणवत्ता कारीगरी ऐतिहासिक महत्व और बाजार की मांग के आधार पर तय होती है। पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एम शंकर ने बताया कि अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियों की चोरी में अक्सर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय रहते हैं।
ये भी पढ़े… भाई-बहन को कपल समझ बैठी मऊ की ‘इंस्पेक्टर साहिबा’, रील-बाज़ अंदाज़ में चेकिंग करते वीडियो वायरल







