Yogi Mathura Accident Alert: मथुरा में हुए सड़क हादसे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। सीएम ने NHAI और स्टेट हाईवे के अधिकारियों के साथ बैठक की और सभी को साफ निर्देश दिए कि अफसर खुद फील्ड में उतरें। इसी के साथ एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग भी बढ़ाई जाए, हर ब्लैक स्पॉट पर टीमें तैनात रहने के साथ-साथ जरूरत के अनुसार रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे।

एक्सप्रेस-वे पर बढ़ी पेट्रोलिंग, ब्लैक स्पॉट पर तैनाती
सीएम योगी का कहना है कि, “खराब विजिबिलिटी होने पर एक्सप्रेस-वे पर यातायात का सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। सुरक्षित यात्रा के लिए जनता से एडवाइजरी का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है। एक्सप्रेस-वे पर क्रेन और एम्बुलेंस 24×7 तैनात रहें। टोल प्लाजा पर लाउडस्पीकर के जरिए चालकों को कोहरे की स्थिति की जानकारी दी जाए। धुंध के दौरान वाहन की गति निर्धारित सीमा से कम रखें। फॉग लाइट का प्रयोग करें और हेडलाइट लो-बीम पर रखें। इमरजेंसी इंडिकेटर चालू रखें। आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। एक्सप्रेस-वे पर बार-बार लेन बदलने से बचें और ओवरटेकिंग बिल्कुल न करें। अगर कोहरा बहुत घना हो, तो जोखिम न लें। वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगवाएं।”
योगी आदित्यनाथ द्वारा कमिश्नर, आईजी, जिलाधिकारी, पुलिस और ट्रैफिक विभाग को भी खास निर्देश दिए गए है।

Yogi Mathura Accident Alert: पॉइंटवार निर्देश इस प्रकार हैं-
घने कोहरे में जो भी जरूरी इंतजाम हो सकते है उनको सुनिश्चित किया जाएं।
सड़कों और गलियों की लाइटिंग को भी समय समय से चेक की जाए।
कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए, इसके लिए अफसर नियमित निरीक्षण करें।
शीतलहर के दौरान निराश्रित लोगों के लिए पूरी व्यवस्था की जाए। जिसमें ऐसे लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाया जाए, जरूरतमंदों को लगातार कंबल बांटे अथवा सार्वजनिक जगहों पर अलाव की व्यवस्था की जाएं।
रैन बसेरों का नियमित निरीक्षण भी होना चाहिए। हीटर और अलाव की व्यवस्था में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई हो।
गोशालाओं में भी अलाव जलाने और गोवंश को ठंड से बचाने के पूरे इंतजाम करें।
मथुरा हादसे पर भावुक हुए मुख्यमंत्री
बता दें, इससे पूर्व 16 दिसंबर को भी मथुरा में हुए हादसे पर मुख्यमंत्री योगी भावुक होते हुए नजर आए। उन्होंने कहां कि वे जब सुबह 4 बजे उठे तब उन्हें इस हादसे की सूचना मिली। उन्हें मालूम चला कि मथुरा में कोहरे की वजह से 8 बसों और 3 कारें आपस की टक्कर कराई। जिसमें 20 से अधिक लोगों की मौत हो गई। साथ ही उन्होंने कोहरे के कारण हो रहे सड़क हादसों पर अपना दुख अथवा चिंता को व्यक्त किया। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने और हादसे रोकने के हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए।

मंगलवार को मथुरा में 13, उन्नाव और बस्ती में 4-4, जबकि बागपत और झांसी में 2-2 लोगों की मौत हुई। उस समय योगी आदित्यनाथ योजना भवन में सीएम डैशबोर्ड और कुछ विभागों के बजट खर्च की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद थे।
Yogi Mathura Accident Alert: यमुना एक्सप्रेस-वे हादसा
इस हादसे के वक्त कुछ वाहनों में आग भी लग गई थी। इस दुर्घटना में भाजपा नेता समेत 13 लोगों की जलकर मौत हो गई। यही नहीं 70 लोग घायल हुए। पुलिस ने शवों के अवशेष 17 पॉलिथीन बैग में इकट्ठा किए हैं, जिनकी पहचान डीएनए टेस्ट से की जाएगी। यह घटना थाना बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 पर हुआ। पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF के करीब 50 जवानों ने लगभग 6 घंटे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया। हादसे के कारण एक्सप्रेस-वे पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम भी लग गया था। इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी अगुवाई ADM प्रशासन अमरेश करेंगे।
चार दिनों में 30 से ज्यादा हादसे
उत्तर प्रदेश में पिछले चार दिनों में कोहरे की वजह से 30 से भी ज्यादा सड़क हादसे हो चुके हैं। इस दौरान 150 से ज्यादा वाहन आपस में टकराए और कुल 28 लोगों की जान चली गई। बुधवार को अंबेडकरनगर में डीसीएम और ट्रॉली की टक्कर में 3 लोगों की मौत हुई और इस हादसे में 5 लोग घायल हो गए। मऊ में ट्रेलर की टक्कर से ट्रैक्टर चालक की जान चली गई। गाजीपुर में स्कूल बस और ट्रक की टक्कर हुई, लेकिन बस खाली होने के कारण कोई हताहत नहीं हुआ।
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