Gorakhpur News: आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का एक गंभीर मामला गोरखपुर से सामने आया है। यहां भुना चना को अधिक पीला और आकर्षक दिखाने के लिए उसमें कपड़ा रंगने में इस्तेमाल होने वाले प्रतिबंधित और अत्यंत जहरीले रसायन औरामाइन की मिलावट किए जाने का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजघाट थाना क्षेत्र के लाल डिग्गी स्थित मेसर्स मां तारा ट्रेडर्स के गोदाम पर छापा मारकर करीब 30 टन भुना चना जब्त किया।
जब्त किया गया चना 750 बोरियों में भरा हुआ था, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 18 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि यह भुना चना मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से मंगाया गया था। इनमें से लगभग 400 बोरी चना मध्य प्रदेश और 350 बोरी चना छत्तीसगढ़ से सप्लाई किया गया था।
मोबाइल लैब जांच में हुई मिलावट की पुष्टि
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चना के नमूने लेकर अत्याधुनिक मोबाइल लैब ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स (FSW)’ में मौके पर ही जांच की। जांच रिपोर्ट में चना में प्रतिबंधित केमिकल औरामाइन की मिलावट की पुष्टि हुई। अधिकारियों के अनुसार औरामाइन का उपयोग आमतौर पर कपड़ा रंगने में किया जाता है और इसका खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है।
Gorakhpur News: स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है औरामाइन
सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि औरामाइन एक अत्यंत जहरीला रसायन है, जिसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इससे लीवर, किडनी और पाचन तंत्र पर गहरा असर पड़ सकता है, साथ ही लंबे समय तक सेवन से कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। भुना चना रोजमर्रा के खाने में इस्तेमाल किया जाता है, ऐसे में इस तरह की मिलावट आम जनता के लिए बेहद खतरनाक है।
पहले से मिल रही थीं शिकायतें
डॉ. सिंह ने बताया कि बीते कई दिनों से बाजार में संदिग्ध रंग वाले भुना चना बिकने की शिकायतें विभाग को मिल रही थीं। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर इस तरह का भुना चना तैयार कर अन्य राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है। इसके बाद विभाग की टीम लगातार रेकी कर रही थी। जैसे ही मेसर्स मां तारा ट्रेडर्स में भारी मात्रा में चना पहुंचने की पुष्टि हुई, तत्काल छापेमारी की गई।
Gorakhpur News: कई फर्मों पर कार्रवाई की तैयारी
इस मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने वाराणसी की मेसर्स मां तारा ट्रेडर्स (साहबगंज, गीता प्रेस क्षेत्र) के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कटनी स्थित श्रीराम दाल इंडस्ट्रीज और छत्तीसगढ़ के बलूटा बाजार स्थित एसवीजी पल्सेज के खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
Report By: जय प्रकाश
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