Indian railways: देशभर के करोड़ों रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने एक अहम सुविधा लागू की है। अब यात्रियों को ट्रेन के रवाना होने से 10 घंटे पहले ही यह पता चल जाएगा कि उनकी सीट कन्फर्म हुई है या नहीं। अगर टिकट वेटिंग में ही रह जाती है, तो यात्रियों को पहले से जानकारी मिल जाएगी और वे समय रहते किसी दूसरे यात्रा विकल्प पर विचार कर सकेंगे। दरअसल, रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नया चार्टिंग सिस्टम लागू किया है। इसके तहत अब ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट पहले की तुलना में काफी पहले तैयार किया जाएगा, ताकि यात्रियों को आखिरी समय की परेशानी से बचाया जा सके।
अलग-अलग समय की ट्रेनों के लिए अलग नियम
रेलवे बोर्ड के मुताबिक, सुबह 05:01 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक प्रस्थान करने वाली ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट एक दिन पहले रात 08:00 बजे तक तैयार कर लिया जाएगा। वहीं, दोपहर 02:01 बजे से रात 11:59 बजे तक और रात 12:00 बजे से सुबह 05:00 बजे तक चलने वाली ट्रेनों का चार्ट डिपार्चर से 10 घंटे पहले बनाया जाएगा। इसके अलावा, आपातकालीन कोटा (Emergency Quota) की फीडिंग हर हाल में ट्रेन के चलने से कम से कम 8 घंटे पहले पूरी कर दी जाएगी।
Indian railways: पहले कैसे होती थी व्यवस्था?
जुलाई 2025 से पहले यात्रियों को ट्रेन के डिपार्चर से सिर्फ 4 घंटे पहले ही यह जानकारी मिलती थी कि उनकी सीट कन्फर्म हुई है या नहीं। ऐसे में अगर टिकट कन्फर्म नहीं होती थी, तो यात्रियों के पास दूसरे विकल्प तलाशने के लिए बहुत कम समय बचता था। हालांकि, इसी साल जुलाई में रेलवे ने चार्टिंग टाइम को बढ़ाकर 8 घंटे पहले किया था, और अब इसे और आगे बढ़ाकर 10 घंटे पहले कर दिया गया है।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
Indian railways: इस नए सिस्टम से यात्रियों को अब: समय रहते टिकट स्टेटस की जानकारी मिलेगी, वेटिंग टिकट होने पर वैकल्पिक यात्रा की बेहतर योजना बना सकेंगे, आखिरी समय की असमंजस और परेशानी से राहत मिलेगी, कुल मिलाकर, रेलवे का यह कदम यात्रियों की सुविधा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें: संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में बढ़ सकती है डिब्बों की संख्या, राज्यसभा में उठा भीड़ का मुद्दा







