Saharanpur News: राजस्थान पुलिस ने नकली करंसी के अवैध कारोबार पर एक बड़ा प्रहार करते हुए सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से नकली नोटों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव पुंडीर को गिरफ्तार किया जिसके पास से 4.30 लाख रुपये के नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद हुए हैं।
कैसे हुआ मामले का खुलासा?
मामला तब सामने आया जब 14 दिसंबर को जयपुर के चित्रकूट थाना क्षेत्र में पुलिस ने गोविंद नामक युवक को ढाई लाख रुपये के नकली नोटों के साथ पकड़ा था। जांच में गोविंद ने कुबूल किया कि वह ये नकली नोट सहारनपुर से मंगवाता था। पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए गोविंद को पीसीआर रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान, पुलिस ने गोविंद की मदद से नेटवर्क के सरगना तक पहुंचने की योजना बनाई। जयपुर पुलिस ने गोविंद से कहा कि वह गौरव पुंडीर से संपर्क करे और नकली नोटों की नई खेप के बहाने मिलने के लिए बुलाए। रणनीति के तहत गोविंद ने गौरव को सहारनपुर स्थित घंटाघर के पास एक होटल में मिलने का प्रस्ताव दिया। गौरव को अंदाजा भी नहीं था कि उसकी बातचीत पुलिस की निगरानी में हो रही है।
Saharanpur News: राजस्थान पुलिस ने बनाई योजना
योजना के अनुसार, राजस्थान पुलिस ने सहारनपुर पुलिस की मदद से होटल में दबिश दी और गौरव को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस को 4.30 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ-साथ छपाई में इस्तेमाल होने वाले उपकरण इंक कागज और अन्य सामग्री भी मिली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गौरव पुंडीर कई राज्यों में यह नकली करंसी सप्लाई करता था, और राजस्थान में हाल ही में पकड़े गए नोट भी इसी नेटवर्क से जुड़े थे।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह अत्याधुनिक प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग कर असली जैसे नकली नोट छाप रहा था। फिलहाल गौरव से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि सप्लाई रूट और बाकी सदस्यों की पहचान की जा सके।
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