Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ को लखीमपुर खीरी में एक और बड़ी सफलता मिली है। जनपद की पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते, माननीय न्यायालय ने 11 साल पुराने एक रूह कंपा देने वाले मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मासूम बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन शोषण और उसकी निर्मम हत्या करने वाले दरिंदे को न्यायालय ने मरते दम तक जेल की सलाखों के पीछे रहने की सजा सुनाई है।
पहले जानें क्या था मामला?
यह मामला जनपद के थाना पलिया क्षेत्र का है। वर्ष 2014 में टापर पुरवा निवासी विनोद कुमार निषाद पुत्र वेदराम ने मानवता को शर्मसार करने वाली एक वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी ने गाँव के ही एक नाबालिग बालक को अपनी हवस का शिकार बनाया और कुकर्म करने के बाद पकड़े जाने के डर से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। साथ ही साक्ष्यों को छिपाने के लिए उसने शव को खुर्द-बुर्द करने की भी कोशिश की। वादी विनोद कुमार निषाद (मृतक का भाई) की तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन समय में 139/14 के तहत धारा 201, 302, 377 भादवि और पॉक्सो एक्ट की धारा 5एम/6 के अंतर्गत पंजीकृत किया था।

Lakhimpur Kheri: आजीवन कारावास की सजा
वहीं बीते दिन सोमवार को इस मामले में माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) खीरी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त विनोद को दोषी करार दिया। न्यायालय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 1,35,000 रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया। अर्थदण्ड न देने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
ऑपरेशन कन्विक्शबना ताकत
आपको बता दें कि लखीमपुर खीरी पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत इस पुराने मामले को प्राथमिकता पर लिया गया था। इस सजा को सुनिश्चित कराने में विशेष लोक अभियोजक बृजेश कुमार पाण्डेय की कानूनी दलीलों और न्यायालय पैरोकार कांस्टेबल मनोज कुमार के अथक परिश्रम का विशेष योगदान रहा। गवाहों की समय पर पेशी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को कोर्ट के समक्ष मजबूती से रखने के कारण ही अपराधी बच नहीं सका।
Report By: संजय कुमार राठौर
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