Madrasa Act UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 में विधानसभा में लाए गए **मदरसा एक्ट** को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस फैसले को लेकर सरकार के मंत्रियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी बच्चों को समान, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भविष्य में देश के विकास में योगदान दे सकें।
सरकार सभी बच्चों की शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध: ब्रजेश पाठक
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है कि राज्य का हर छात्र अच्छी शिक्षा पाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे बच्चे आत्मनिर्भर बनें और एक मजबूत भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।
Madrasa Act UP: गलत प्रावधानों को वापस लिया जाएगा: मौर्य
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मदरसा एक्ट को लेकर कहा कि जो भी प्रावधान गलत हैं या जिनकी अब जरूरत नहीं है, उन्हें वापस लिया जाएगा। सरकार किसी भी तरह की विसंगति को बनाए नहीं रखना चाहती।
विसंगतियों के कारण बिल वापस हुआ: राजभर
मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि मदरसा शिक्षक सुरक्षा बिल में नियमों से जुड़ी कई विसंगतियां थीं। बिल पर राष्ट्रपति स्तर तक आपत्तियां लगीं और अंततः उसे वापस लेने का निर्णय लिया गया।
शिक्षा में भेदभाव नहीं होना चाहिए: धर्मपाल सिंह
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा सभी के लिए समान होनी चाहिए। सरकार सामाजिक शिक्षा प्रणाली में जरूरी सुधार कर रही है, ताकि किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव न हो।
देशभक्त नागरिक तैयार करने पर जोर
भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि सरकार ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित करना चाहती है, जिससे देशभक्त नागरिक तैयार हों। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि प्रदेश से आतंकवाद नहीं, बल्कि अब्दुल कलाम जैसे वैज्ञानिक और देशसेवा करने वाले नागरिक निकलें।







