Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। ताज़ा मामलों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा कितनी मजबूत है। हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं में घरों को आग के हवाले किया गया, परिवारों को जान बचाकर भागना पड़ा और मासूम लोगों की जान तक चली गई।
Bangladesh Violence: चटगांव में जलाई गई हिंदू बस्तियां, वीडियो ने खोली सच्चाई
चटगांव क्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया है। यह वीडियो बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन द्वारा साझा किया गया है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह हिंदू परिवारों के घर जलकर तबाह हो गए। आग की लपटों ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया और कई परिवारों की वर्षों की मेहनत कुछ ही पलों में खत्म हो गई।
Bangladesh Violence: घर के अंदर फंसे थे लोग, जान बचाने के लिए तोड़ी बाड़
घटना के समय परिवार अपने घरों के भीतर मौजूद थे। अचानक हुए हमले के बाद हालात बेहद डरावने हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब आग फैलने लगी तो परिवार बाहर निकलना चाहता था, लेकिन दरवाजे बंद पाए गए। मजबूरी में लोगों को बाड़ काटकर बाहर निकलना पड़ा। इस दौरान कई पालतू जानवर भी आग की चपेट में आ गए, जिससे पीड़ित परिवारों को गहरा सदमा लगा।
पीड़ित परिवारों की पहचान, प्रशासन मौके पर पहुंचा
इस हमले में जयंती संघ और बाबू शुकुशील के परिवारों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। उपजिला स्तर के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया और पीड़ितों को मदद का भरोसा दिलाया। राहत के तौर पर उन्हें राशन, नकद सहायता और ठंड से बचाव के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया है।पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
Bangladesh Violence: लक्ष्मीपुर की घटना ने झकझोरा, मासूम की गई जान
इससे पहले लक्ष्मीपुर सदर इलाके में हुई एक घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। देर रात एक घर को बाहर से बंद कर उसमें ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई। इस दर्दनाक घटना में सात साल की एक बच्ची की मौत हो गई थी, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। यह मामला अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा का एक और उदाहरण बनकर सामने आया।
ईशनिंदा के नाम पर फैली अफवाह, युवक की हत्या
18 दिसंबर को ढाका के पास भालुका इलाके में दीपू चंद्र नामक एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में इस घटना को ईशनिंदा से जोड़कर देखा गया, लेकिन पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि यह विवाद फैक्ट्री में काम से जुड़ा था। दीपू एक कपड़ा कारखाने में काम करते थे और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।
Bangladesh Violence: लगातार घटनाओं से बढ़ी चिंता, सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा रही हैं और डर का माहौल बना रही हैं। लोगों की मांग है कि दोषियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।अब सबकी नजर प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि क्या इन मामलों में ठोस कदम उठाए जाएंगे या फिर पीड़ित परिवारों को केवल आश्वासन ही मिलता रहेगा।
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