Haridwar News: हरिद्वार के लक्सर फ्लाईओवर पर हुई सनसनीखेज वारदात के तीन दिन बाद गैंगस्टर विनय त्यागी की जिंदगी का अंत हो गया। पुलिस कस्टडी में गोली लगने से घायल विनय ऋषिकेश एम्स में भर्ती था, लेकिन शनिवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सुबह करीब 7 बजे अस्पताल प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव अपनेकब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी।विनय त्यागी की बेटी तन्नवी भारद्वाज ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पिता को पहले से ही जान का खतरा था, लेकिन मजबूत सुरक्षा नहीं दी गई। उनका दावा है कि गोली उनके पिता की आंतों में लगी जिससे गंभीर डैमेज हुआ और हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से पुलिस प्रशासन उन्हें पिता से मिलकर बात करने भी ठीक से नहीं दे रहा था।
Haridwar News: पुलिस की गाड़ी को घेरकर बरसाईं गई थीं गोलियां
तीन दिन पहले हरिद्वार में दिनदहाड़े फिल्मी स्टाइल में बदमाशों ने पुलिस की गाड़ी को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। विनय त्यागी पुलिस कस्टडी में कोर्ट पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने लक्सर फ्लाईओवर के पास जाम के दौरान हमला बोल दिया। क्रॉस फायरिंग में जहां दो कॉन्स्टेबल घायल हुए वहीं विनय त्यागी भी गोलियों से लहूलुहान हो गया।
एक दिन बाद पकड़े गए हमलावर
फायरिंग के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए थे, लेकिन पुलिस ने ऑपरेशन चलाकर 25 दिसंबर को बड़ी सफलता हासिल की। बिजनौर के जंगल क्षेत्र से दोनों शूटरों को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों की पहचान सन्नी यादव उर्फ शेरा और अजयराज के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों पेशेवर अपराधी हैं और इनके खिलाफ कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
Haridwar News: अपराधों का बड़ा चेहरा था विनय त्यागी
विनय त्यागी कभी बदन सिंह बद्दो और नीराज भाटी के गैंग से जुड़ा रहा। उसका नाम पहली बार 2015 में कुख्यात अपहरण और डबल मर्डर केस के बाद सामने आया। उस पर हत्या, अपहरण, डकैती समेत करीब 58 से ज्यादा केस दर्ज बताए जाते हैं। लंबे समय तक वह दुबई में छिपा रहा, फिर दिल्ली में किराए के फ्लैट में रहने लगा। जून 2024 में मेरठ एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
750 करोड़ के रहस्यमयी राज पर बहन का बड़ा बयान
विनय त्यागी की बहन सीमा त्यागी ने चौंकाने वाला दावा किया है। उनका आरोप है कि देहरादून से 750 करोड़ की बड़ी चोरी का राज उसी के पास था—जिसमें पैसा, ज्वेलरी और बेनामी प्रॉपर्टी के दस्तावेज शामिल थे। उन्होंने कहा कि विनय यह राज ईडी को सौंपने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उसे हमेशा के लिए चुप करा दिया गया। बहन ने यहां तक कहा कि यह पूरी साजिश थी ताकि सच बाहर न आ सके।अब जांच पर सबकी निगाहें विनय त्यागी की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं क्या सुरक्षा में चूक हुई? क्या हमला सिर्फ आपराधिक वारदात थी या कोई बड़ी साजिश? पुलिस अपनी जांच में जुटी है, जबकि परिवार न्याय की मांग कर रहा है। कहानी अभी खत्म नहीं हुई… अब असली खेल जांच
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