Bihar News: गांव में अक्सर ठंड के दिनों अंगीठी जलाकर लोग आग सकते है लेकिन क्या हो जब ये मौत का कारण बन जाए। बिहार के छपरा में ठंड से बचने के लिए जलाई गई अंगीठी एक पूरे परिवार के लिए मौत बना गई। दरअसल, बंद कमरे में सो रहे परिवार के चार लोगों की दम घुटने से मौत का मामला सामने आया है, इस हादसे में तीन मासूम बच्चे और उनकी नानी की जान चली गई। वहीं, चार अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और वह अस्पताल में भर्ती हैं।
मासूमों और नानी की दर्दनाक मौत
इस हादसे में जान गंवाने वालों में 3 साल का तेजस, 4 साल की अध्याय, 7 महीने की गुड़िया और 70 साल की कमलावती देवी शामिल हैं। तेजस और अध्याय सगे भाई-बहन थे, जबकि गुड़िया उनकी मौसेरी बहन थी। कमलावती देवी बच्चों की नानी थीं।
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, 26 दिसंबर की रात को खाना खाने के बाद ही परिवार के सभी लोग एक बड़े हॉल में सो गए थे। ठंड बहुत अधिक होने की वजह से अंगीठी जलाई थी, जिसमें गोबर के उपले और भूसा डाला गया। जिस कमरे में सो रहे थे वह पूरी तरह से बंद था और हवा के निकलने तक के लिए कोई रास्ता नहीं था।

Bihar News: CO गैस का खतरनाक असर
जिसके बाद रात भर अंगीठी सुलगती रही और उससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस पूरे कमरे में फैलती गई। बता दें, इस गैस में गंध और रंग नहीं होता है और यही कारण है कि हॉल में सो रहे लोगों को इसका पता नहीं चल पाया। वहीं धीरे-धीरे कमरे की ऑक्सीजन कम होती गई और जहरीली गैस के असर से सो रहे सभी सदस्य गहरी नींद में चले गए। गैस की वजह से किसी को खांसी या दम घुटने जैसा नहीं लगा, न ही किसी को बैचेनी हुई, बता दें CO गैस का सबसे पहले आपके दिमाग पर असर होता है। जिसके बाद व्यक्ति सुस्त हो जाता है और देखते ही देखते गहरी नींद में चला जाता है।
भविष्य के लिए जरूरी चेतावनी
जब सुबह होने के बाद काफी देर तक कोई नहीं उठा, तो परिजनों को थोड़ा शक हुआ। जैसे है दरवाजा खोला तो कमरे से काफी धुआं बाहर निकला। वही पड़ोसियों की मदद लेकर सभी लोगों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक देर ही जानें कि वजह से चार लोगों की मौत हो चुकी थी। साथ ही बाकी के चार लोगों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत पटना रेफर किया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।

इस पूरी घटना की सूचना मिलने पर बच्चों के पिता विजय सिंह वाराणसी से तुरंत छपरा पहुंचे। अपने बच्चों के शव देखकर वह फूट-फूटकर रो पड़े। उस दृश्य ने सभी को हिला कर रख दिया। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही बच्चों को नानी के घर छोड़कर गए थे। विजय PCS अधिकारी है, जो वाराणसी में जिला सहकारी पदाधिकारी हैं।
यह हादसा एक बार फिर बड़ी चेतावनी देता है कि बंद कमरे में अंगीठी या किसी भी तरह का धुआं पैदा करने वाला साधन जानलेवा हो सकता है ।
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