Uttar Pradesh: यूपी के महोबा से रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। रेलवे से रिटायर कर्मचारी और उनकी दिव्यांग बेटी के साथ ऐसा अमानवीय बर्ताव हुआ कि सुनकर किसी का भी दिल कांप जाए। आरोप है कि घर में काम करने वाले नौकर दंपत्ति ने लालच में पिता-बेटी को करीब पांच साल तक कैद करके रखा। भूख, प्यास और इलाज के अभाव में बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि 27 वर्षीय बेटी कमरे में बेसुध और कंकाल सी हालत में मिली।
Uttar Pradesh: पड़ोसियों ने दी सूचना, अंदर का दृश्य देख परिजन रह गए स्तब्ध
सोमवार को ओमप्रकाश सिंह की मौत की जानकारी पड़ोसियों ने परिवार को दी। जब रिश्तेदार घर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। अंदर कमरे में ओमप्रकाश का शव बेहद कुपोषित हालत में पड़ा था, वहीं बेटी रश्मि अंधेरे कमरे में ज़िंदा तो थी, लेकिन हालत ऐसी थी मानो शरीर से सारा मांस गायब हो चुका हो। उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
Uttar Pradesh: संपत्ति और बैंक बैलेंस के लालच का आरोप
परिजनों का आरोप है कि आरोपी नौकर रामप्रकाश और उसकी पत्नी ने घर पर कब्जा कर लिया था। दोनों ने ओमप्रकाश और उनकी दिव्यांग बेटी को ग्राउंड फ्लोर के कमरों में बंद कर रखा, जबकि खुद ऊपर आराम से रहते रहे। रिश्तेदारों के आने पर तरह-तरह के बहाने बनाकर मिलने नहीं देते थे। धीरे-धीरे किसी का उनसे मिलना तक बंद हो गया। आरोप है कि दोनों ने उन्हें सिर्फ जिंदा रहने भर का खाना दिया, बाकी समय भूखा-प्यासा रखा।
8–9 साल से घर देख रहे थे नौकर, फिर बदली कहानी
जानकारी के अनुसार, पत्नी की मौत के बाद ओमप्रकाश अपनी बेटी के साथ रहते थे। बेटी की देखभाल के लिए उन्होंने नौकर और उसकी पत्नी को रखा था। शुरुआत में सब सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे नौकर दंपत्ति ने पूरे घर पर कब्जा जमा लिया। पोस्टमार्टम में भी पुष्टि हुई कि शव पुराना था और हालत कुपोषण की ओर इशारा कर रही थी।
Uttar Pradesh: परिजनों की मांग— आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई हो
परिजनों का कहना है कि यह घटना इंसानियत को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस सभी आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।
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