Meerut News: उत्तर प्रदेश के विकास की जीवनरेखा कही जाने वाली रैपिड रेल (नमो भारत) परियोजना को बाहर के अपराधियों से नहीं बल्कि उन्हीं कंधों से खतरा पैदा हो गया जिन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र स्थित रैपिड रेल यार्ड में हुई लाखों की चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। मामले की तहकीकात में पता चला है कि यार्ड की सुरक्षा में तैनात चौकीदार ही चोर गिरोह के मास्टरमाइंड निकले।
ऐसे खुला चोरी का ब्लैक बॉक्स
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब कंपनी के कॉन्ट्रैक्टर नंदलाल ने यार्ड में रखे सामान की भौतिक गणना (स्टॉक काउंटिंग) की। गिनती के दौरान भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण और कीमती लोहे का सामान गायब मिला। ताज्जुब की बात यह थी कि यार्ड में 24 घंटे पहरा होने के बावजूद किसी बाहरी व्यक्ति की संदिग्ध आवाजाही दर्ज नहीं थी। शक की सुई अंदरूनी स्टाफ पर घूमी और कॉन्ट्रैक्टर की तहरीर पर पुलिस ने जाल बिछाया।
Meerut News:एसएसपी का खुलासा वर्दी की आड़ में वारदात
मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. विपिन ताडा ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पांच आरोपियों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुहैल, रिंकू, रमेश, धर्मेंद्र और मोनू के रूप में हुई है। जांच में जो बात सबसे हैरान करने वाली थी वह यह कि रिंकू, रमेश, धर्मेंद्र और मोनू इसी यार्ड में चौकीदार के पद पर तैनात थे। ये चारों मिलकर रात के अंधेरे में यार्ड के कीमती सामान को किनारे करते थे और पांचवां आरोपी सुहैल अपने छोटा हाथी (मालवाहक वाहन) के साथ वहां पहुंचता था। सुरक्षाकर्मी होने के नाते इन्हें कोई रोकता नहीं था जिसका फायदा उठाकर ये आसानी से सामान बाहर निकाल देते थे।
माल बरामद अब कबाड़ियों पर शिकंजा
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया बड़ी मात्रा में सरकारी माल और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद कर लिया है। हालांकि इस गिरोह के दो अन्य सदस्य जो पेशेवर कबाड़ी बताए जा रहे हैं अभी भी फरार हैं। एसएसपी ने बताया कि इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इन्होंने अब तक कुल कितने लाख का माल बाजार में खपाया है।
Report By: यश मित्तल







