sinhaavalokan 2025: साल 2025 भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। देशभर में आयोजित धार्मिक यात्राओं, पर्वों और विशेष आयोजनों में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या देखने को मिली। महाकुंभ मेले से लेकर राम मंदिर, काशी, उज्जैन और केदारनाथ तक, हर तीर्थ स्थल पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
महाकुंभ और अयोध्या में टूटा रिकॉर्ड, 110 करोड़ से अधिक श्रद्धालु
साल की शुरुआत महाकुंभ मेले से हुई, जहां संगम में आस्था की डुबकी लगाने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे। अनुमान के मुताबिक, महाकुंभ में करीब 60 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया। वहीं, अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष बाद तक करीब 50 करोड़ श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। इस तरह केवल इन दो धार्मिक आयोजनों में ही 110 करोड़ से अधिक भक्तों की भागीदारी दर्ज की गई।
sinhaavalokan 2025: वैष्णो देवी और काशी विश्वनाथ में भी दिखी श्रद्धा की शक्ति
जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में दिसंबर की शुरुआत तक 63.68 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। हालांकि भूस्खलन के कारण कुछ समय यात्रा स्थगित रही, फिर भी आस्था का उत्साह कम नहीं हुआ। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में वर्ष 2025 में अब तक 7.25 करोड़ श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। अकेले 28 दिसंबर को ही 4 लाख से अधिक भक्त मंदिर पहुंचे।
उज्जैन महाकाल और केदारनाथ में श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भीड़
उज्जैन स्थित बाबा महाकालेश्वर मंदिर में 2025 में 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस दौरान मंदिर को 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का दान भी प्राप्त हुआ, जो बीते वर्षों की तुलना में बड़ा रिकॉर्ड है। वहीं, सीमित अवधि के लिए खुलने वाले केदारनाथ धाम में इस साल 19 लाख श्रद्धालु पहुंचे, जो पिछले वर्ष के मुकाबले कहीं अधिक है।
बांके बिहारी और मथुरा-वृंदावन में भी बढ़ी भीड़
मथुरा-वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों पर 2025 में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। अनुमान है कि इस वर्ष 40 से 50 लाख भक्त दर्शन के लिए पहुंचे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा करीब 20 लाख था।
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