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बांग्लादेश पर मोहन भागवत का बड़ा बयान, संकट नहीं समाधान पर हो चर्चा

Mohan Bhagwat

Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत बुधवार को रायपुर स्थित असंग देव कबीर आश्रम में आयोजित हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्सव नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने का संकल्प लिया गया है। इसी उद्देश्य से मंडल स्तर पर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है।

बांग्लादेश सहित संकटों पर टिप्पणी

अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि किसी भी क्षेत्र पर विचार करें तो संकट दिखाई देता है, चाहे वह बांग्लादेश का विषय हो या अन्य मुद्दे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संकटों की चर्चा करने से कोई लाभ नहीं है, बल्कि उनके उपायों पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समाज स्वयं मजबूत रहेगा तो कोई भी संकट उसे परेशान नहीं कर सकता।

Mohan Bhagwat: हिंदू समाज की ताकत और संत परंपरा

भागवत ने कहा कि हिंदू समाज के पास समस्याओं का समाधान स्वयं के भीतर मौजूद है। संतों का ज्ञान, तत्वज्ञान और परंपरा हिंदू समाज की बड़ी शक्ति है, लेकिन हम उसका सही उपयोग नहीं करते। उन्होंने आह्वान किया कि सत्संग और विचारों को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें जीवन में उतारें।

समाज के लिए पांच सूत्रीय संदेश

आरएसएस प्रमुख ने समाज के सामने पांच अहम बातें रखीं—सामाजिक समरसता और भेदभाव का त्याग, परिवार में सामूहिक संवाद और संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, मातृभाषा और भारतीय संस्कृति को अपनाना तथा संविधान व कानून का पालन। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर ही भारत एक विजयी शक्ति बनेगा और विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा।

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