Water crisis: भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैल रही बीमारी ने एक बार फिर जान ले ली है। उल्टी-दस्त से पीड़ित एक और युवक की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। इलाके में अब भी सैकड़ों लोग बीमार हैं और अस्पतालों में इलाज जारी है।
काम के दौरान बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत
कुलकर्णी नगर स्थित लक्ष्मण बाली बस्ती निवासी अरविन्द पिता हीरालाल लिखार (43) बेलदारी का कार्य करते थे। रविवार को काम के सिलसिले में वे भागीरथपुरा पहुंचे थे। दोपहर करीब दो बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई।
Water crisis: पहले निजी अस्पताल, फिर एमवाय अस्पताल रेफर
हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें वर्मा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए भर्ती की सलाह दी। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से उन्हें एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मंगलवार रात उनकी मौत हो गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों ने बताया कि अरविन्द परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। पत्नी और तीन बच्चे अलग रहते हैं, जबकि वृद्ध माता-पिता उन्हीं पर निर्भर थे। अचानक हुई इस मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
इलाके में दहशत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि युवक भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से बीमार पड़ा। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से साफ पेयजल की व्यवस्था, बीमारों के समुचित इलाज और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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