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इंदौर दूषित पानी मामला, सरकार ने मानी 4 मौतें, परिजनों ने 15 का दावा, हाईकोर्ट में सुनवाई 6 जनवरी को

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सरकार और ज़मीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में दाखिल अपनी स्टेटस रिपोर्ट में दावा किया कि इस मामले में अब तक सिर्फ 4 लोगों की मौत हुई है। इस मामले पर सियासत भी गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोता रहा।

Mp news: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर सरकार और ज़मीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में दाखिल अपनी स्टेटस रिपोर्ट में दावा किया कि इस मामले में अब तक सिर्फ 4 लोगों की मौत हुई है। जबकि मृतकों के परिजनों और अस्पतालों के रिकॉर्ड के मुताबिक यह आंकड़ा 15 तक पहुंच चुका है। यह मामला फिलहाल मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी। 1 जनवरी को कोर्ट ने राज्य सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी, जिसे 5 दिन बाद पेश करते हुए सरकार ने केवल 4 मौतों की पुष्टि की है।

अफसरों पर कार्रवाई

मामले में लापरवाही के आरोपों के बीच मोहन यादव सरकार ने इंदौर नगर निगम के कमिश्नर दिलीप यादव और एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही एडिशनल कमिश्नर सिसोनिया का तबादला कर दिया गया है। वहीं, इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से जल वितरण विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है।

सरकार ने बताए 4 मृतकों के नाम

राज्य सरकार की 39 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक दूषित पानी से जिन चार लोगों की मौत हुई, वे सभी 60 साल से अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन थे। इनमें उर्मिला की मौत 28 दिसंबर, तारा (60) और नंदा (70) की 30 दिसंबर, जबकि हीरालाल (65) की मौत 31 दिसंबर को हुई।

Mp news: पानी में मिले खतरनाक बैक्टीरिया

इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी के अनुसार, एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में पानी को पीने योग्य नहीं पाया गया है। जांच में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई, विब्रियो और प्रोटोजोआ जैसे खतरनाक बैक्टीरिया मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि पानी में हैजा फैलाने वाला विब्रियो कोलेरी भी पाया गया है, हालांकि सरकारी तंत्र इसे अभी प्रारंभिक रिपोर्ट बताकर सार्वजनिक करने से बच रहा है। नगर निगम की लैब में भेजे गए करीब 80 सैंपल भी जांच में ‘अनसेटिस्फैक्ट्री’ पाए गए हैं। भागीरथपुरा क्षेत्र से लिए गए पानी के सैंपल पीने और घरेलू उपयोग के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त बताए गए हैं, लेकिन दोनों जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं।

Mp news: रिसाव बना दूषण की वजह

अधिकारियों के अनुसार, भागीरथपुरा इलाके में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पेयजल पाइपलाइन में रिसाव पाया गया है। इस पाइपलाइन के ऊपर एक शौचालय बना हुआ है। आशंका है कि इसी वजह से इलाके की जलापूर्ति दूषित हुई और लोग बीमार पड़े।

सियासी बयानबाज़ी तेज

Mp news: इस मामले पर सियासत भी गरमा गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में पानी नहीं, जहर बांटा गया और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोता रहा। लोगों ने बार-बार बदबूदार और गंदे पानी की शिकायत की, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा मौतों पर चुप रहते हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए ‘कड़ी परीक्षा’ बताया है।

 

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