Jharkhand News: झारखंड की हजारीबाग सेंट्रल जेल से तीन सजायाफ्ता कैदियों के फरार होने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। 31 दिसंबर की सुबह अंधेरे और घने कोहरे का फायदा उठाकर भागे इन दोषियों की तलाश अब अंतरराज्यीय स्तर पर की जा रही है। झारखंड के कई जिलों के साथ-साथ बिहार के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
Jharkhand News: वासेपुर कनेक्शन आया सामने
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि फरार हुए तीनों कैदी धनबाद के कुख्यात वासेपुर इलाके के निवासी हैं। आशंका जताई जा रही है कि वे अपने पुराने आपराधिक नेटवर्क की मदद से छिपे हुए हैं और लगातार ठिकाने बदल रहे हैं।
Jharkhand News: एसआईटी गठित, कई जिलों में सर्च ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है। टीम का नेतृत्व कर रहे एसडीपीओ अमित कुमार आनंद ने बताया कि धनबाद, रांची समेत झारखंड और बिहार के कई जिलों में लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस को भरोसा है कि जल्द ही फरार कैदियों को दबोच लिया जाएगा।
जेल सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हाई-प्रोफाइल जेल ब्रेक ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। आईजी (जेल) सुदर्शन मंडल की प्रारंभिक जांच में गार्ड ड्यूटी में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है। आशंका है कि या तो निगरानी में भारी चूक हुई या फिर बाथरूम की खिड़की के रास्ते कैदियों को भागने में अंदरूनी मदद मिली।
Jharkhand News: दो मुख्य वार्डन सस्पेंड
लापरवाही के आरोप में जेल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो मुख्य वार्डन उमेश सिंह और हरेंद्र महतो Jको निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी देवा भुइयां कोई नया नाम नहीं है। वह वर्ष 2021 में भी धनबाद जेल से फरार हो चुका था और करीब साढ़े तीन साल तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। उसके खिलाफ धनबाद के विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।फिलहाल पुलिस और प्रशासन की साख इस बात पर टिकी है कि फरार कैदियों को कितनी जल्दी दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचाया जाता है।
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