UP News: प्रभावित करने के लिए जो रास्ता चुना, उसने उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। सिद्धार्थनगर का रहने वाला एक युवक अपने रिटायर्ड पिता की पुलिस वर्दी पहनकर और बाजार से खरीदे सितारे लगाकर ‘फर्जी डिप्टी एसपी’ बन बैठा। मकसद था 15 साल बाद अपनी प्रेमिका से मिलकर उस पर धाक जमाना।
UP News: 15 साल पुरानी मुलाकात और ‘खाकी’ का चस्का
जानकारी के मुताबिक, 34 वर्षीय प्रभात पांडेय (एमएससी, बीएड) करीब 15 साल पहले एक प्रतियोगी परीक्षा के दौरान मऊ की एक युवती से मिला था। वक्त बीतता गया, लेकिन प्रभात के दिल से उस लड़की की याद नहीं गई। प्रभात के पिता सुधाकर पांडेय पुलिस विभाग में प्रभारी निरीक्षक थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पिता की पुरानी वर्दी घर पर रखी थी, जिसे पहनकर प्रभात ने खुद को डिप्टी एसपी (DSP) के रूप में पेश करने की साजिश रची।
UP News: वाराणसी से मऊ तक का सफर और पकड़ी गई पोल
शुक्रवार की शाम प्रभात ने एक ड्राइवर किराए पर लिया और वाराणसी से अपने गांव सिद्धार्थनगर जाने के बजाय गाड़ी का रुख मऊ की तरफ मोड़ दिया। मऊ के आजमगढ़ मोड़ के पास पहुंचकर वह गाड़ी से उतरा और पैदल ही गलियों में अपनी पुरानी प्रेमिका के घर का पता पूछने लगा।
वर्दी में होने के बावजूद उसकी संदिग्ध गतिविधियों और बातचीत के लहजे ने स्थानीय लोगों को चौंका दिया। लोगों को शक हुआ कि कोई पुलिस अधिकारी इस तरह अकेले गलियों में लड़की के बारे में पूछताछ क्यों कर रहा है। शक गहराने पर स्थानीय नागरिकों ने फौरन कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिसिया पूछताछ में खुला राज
सूचना मिलते ही मऊ की सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और प्रभात को हिरासत में ले लिया। पुलिस की कड़ी पूछताछ में प्रभात का सारा ‘रौब’ हवा हो गया और उसने स्वीकार किया कि वह कोई पुलिस अधिकारी नहीं है। पुलिस ने उसके पास से पिता की पुरानी वर्दी और फर्जी तरीके से लगाए गए सितारे बरामद किए हैं।
क्या कहती है पुलिस?
इस मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनूप कुमार ने बताया है कि, “पकड़ा गया युवक शिक्षित है और उसके पिता पुलिस विभाग में रहे हैं। वह फर्जी तरीके से वर्दी पहनकर रौब झाड़ रहा था। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।”
आरोपी का नाम प्रभात पांडेय (34 वर्ष), और सिद्धार्थनगर का निवासी बताया जा रहा है। आरोपी पढ़ा लिखा है जिसने एमएससी, बीएड किया है।
जो फर्जी डिप्टी एसपी बनकर प्रेमिका को ढूंढने मऊ पहुंच गया। जिसको स्थानीय लोगों की सूझबूझ और मऊ पुलिस की तत्परता से पकड़ लिया गया है।
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