Uttar Pradesh: गांव की उस ठंडी और कोहरे से भरी रात ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया, जिसने रिश्तों, भरोसे और इंसानियत—तीनों को एक साथ दफन कर दिया। जमीन के बंटवारे को लेकर चल रहा पारिवारिक तनाव अचानक हिंसा में बदल गया और देखते ही देखते एक ही घर के तीन लोगों की जान चली गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से पिता से नाराज था। उसका कहना था कि परिवार की कुल साढ़े चार बीघा जमीन में से वह केवल आधा बीघा चाहता था, ताकि अपनी जिंदगी पटरी पर ला सके। लेकिन पिता इस मांग के लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर घर में अक्सर कहासुनी होती रहती थी, जो उस रात विस्फोट बन गई।
Uttar Pradesh: कोहरे में पहुंचा घर, बहस से हिंसा तक
घटना वाली रात करीब साढ़े ग्यारह बजे, आरोपी पैदल पिता के घर पहुंचा। दरवाजा खुलते ही बातचीत शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में बात गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। आरोप है कि अपमानजनक शब्दों ने उसे आपे से बाहर कर दिया और उसने पिता पर हमला कर दिया।हंगामा सुनकर अंदर सो रही बहन और भांजी बाहर आ गईं। हालात संभलने के बजाय और बिगड़ गए। आरोपी ने पास रखे हथियार से वार किए और कुछ ही पलों में घर के भीतर तीन शव बिछ गए। खून से सना कमरा उस भयावह रात की गवाही दे रहा था।
Uttar Pradesh: लाशों को ठिकाने लगाने की साजिश
घटना के बाद आरोपी कुछ देर तक समझ ही नहीं पाया कि आगे क्या करे। फिर उसने शवों को छिपाने का फैसला किया। बाइक से बोरे लाए गए, तीनों शवों को अलग-अलग बांधा गया और गांव से दूर खेतों के बीच बने कुओं में फेंक दिया गया। पहचान छुपाने के लिए ऊपर से पुआल डाला गया, ताकि किसी की नजर न पड़े।घर लौटकर आरोपी ने खून के निशान मिटाने के लिए पानी से पूरा घर धोया, दरवाजे बंद किए और बाहर से ताला लगाकर निकल गया। अगली सुबह वह गांव में सामान्य लोगों की तरह घूमता रहा, मानो कुछ हुआ ही न हो।
पुलिस जांच और कुओं से शवों की बरामदगी
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने गांव से दूर स्थित कुओं में तलाश शुरू की। अंधेरा और घना कोहरा जांच में बाधा बने। टावर लाइट और जनरेटर की मदद से करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद शव बाहर निकाले जा सके। सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को जाल के सहारे कुओं में उतरना पड़ा।
Uttar Pradesh: पोस्टमार्टम और साजिश की परतें
तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मौत के तरीके और चोटों की पुष्टि होगी। पुलिस आरोपी के बयानों को वैज्ञानिक साक्ष्यों से मिलान कर रही है। साथ ही उसकी पत्नी की भूमिका की भी जांच चल रही है, जो घटना के बाद बच्चों के साथ लापता बताई जा रही है एक विवाद, जिसने सब कुछ खत्म कर दिया आधी बीघा जमीन की चाह ने एक परिवार की नींव हिला दी। यह वारदात सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि उस गुस्से की तस्वीर है, जो समय रहते काबू में न आए तो अपनों को भी दुश्मन बना देता है। गांव में अब भी सन्नाटा है और हर चेहरा उसी सवाल से जूझ रहा है—क्या यह सब रोका जा सकता था?
ये भी पढ़े: हिंदुओं पर हमले पर शंकराचार्य का प्रहार, शेख हसीना को शरण देने पर उठे सवाल






