Jnu Controversy: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने के मामले में शामिल छात्रों पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निष्कासन और निलंबन तक हो सकती है कार्रवाई
जेएनयू प्रशासन ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस जांच जारी है। विश्वविद्यालय स्तर पर भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत छात्रों को तत्काल निलंबन, निष्कासन या विश्वविद्यालय से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
Jnu Controversy: अभिव्यक्ति की आज़ादी की सीमा स्पष्ट
प्रशासन ने अपने बयान में कहा कि विश्वविद्यालय विचारों के आदान-प्रदान और नवाचार के केंद्र होते हैं, लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर हिंसा, अवैध गतिविधियों या राष्ट्रविरोधी कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिसर में शैक्षणिक और अनुशासनात्मक गरिमा बनाए रखने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू रहेगी।
5 जनवरी की घटना का पूरा विवरण
प्रशासन के अनुसार, 5 जनवरी की रात सबरमती हॉस्टल के बाहर जेएनयू छात्रसंघ से जुड़े छात्रों ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें शुरू में 30 से 35 छात्र शामिल थे। बाद में कुछ छात्रों ने भड़काऊ और उकसाने वाले नारे लगाए, जिससे माहौल बिगड़ गया। शिकायत में कई छात्रों के नाम दर्ज किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह आचार संहिता और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है तथा इससे परिसर की शांति और सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ।
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