Delhi Turkman Gate: दिल्ली के रामलीला मैदान के पास स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। इस कार्रवाई के विरोध में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसके बाद हालात काबू में रखने के लिए पुलिस को देर रात आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
इलाके में रहने वाले लोगों ने लगाए आरोप
तुर्कमान गेट इलाके में रहने वाले लोगों का आरोप है कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अतिक्रमण हटाने के दौरान मस्जिद के कुछ हिस्से को भी नुकसान पहुंचाया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इसी कारण इलाके में आक्रोश फैल गया और लोग सड़कों पर उतर आए। एमसीडी ने यह कार्रवाई रात करीब 1 बजे शुरू की, जो सुबह 7 बजे तक चली। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने के लिए 30 से अधिक बुलडोजरों का इस्तेमाल किया गया। फिलहाल फैज़-ए-इलाही मस्जिद के सामने वाली गली को बंद कर दिया गया है, जिससे वहां रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Delhi Turkman Gate: मस्जिद के हिस्से को भी नुकसान पहुंचाया गया
गली में रहने वाले लोगों का कहना है कि रास्ता बंद होने से वे काम पर नहीं जा पा रहे हैं और घरों में दूध जैसी जरूरी चीज़ें भी नहीं पहुंच पा रही हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कार्रवाई से पहले कोई पूर्व सूचना नहीं दी। इलाके में रहने वाली एक महिला ने कहा कि जितनी जगह पर अतिक्रमण था, उतना ही तोड़ा जाना चाहिए था, लेकिन मस्जिद के हिस्से को भी नुकसान पहुंचाया गया, जिससे लोगों में गुस्सा फैल गया।
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
मस्जिद के पास रहने वाले नसीम नामक व्यक्ति ने बताया कि लोगों को डर था कि कहीं मस्जिद को पूरी तरह न तोड़ दिया जाए। इसी आशंका के चलते लोग इकट्ठा हुए। इस दौरान पत्थरबाजी की घटना हुई, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और फायरिंग भी की। फिलहाल, आज के लिए कार्रवाई रोक दी गई है, लेकिन पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। हालात को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भी तैनाती की गई है।
Delhi Turkman Gate: 9 जोन में बांटा गया इलाका
सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को 9 जोन में विभाजित किया गया है और हर जोन की जिम्मेदारी ADCP स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को बैरिकेड कर दिया है और किसी भी आम नागरिक की एंट्री फिलहाल प्रतिबंधित है। अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद की मूल संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। केवल अवैध रूप से कब्जाई गई जमीन पर ही कार्रवाई की गई है, जहां बने बारात घर और डिस्पेंसरी को ध्वस्त किया गया है। अभी भी करीब 10 से 20 प्रतिशत निर्माण बचा हुआ है, जिसे अगले चरण में हटाया जाएगा। मलबे की मात्रा करीब 200 ट्रक बताई जा रही है, जिसे हटाने में लगभग चार दिन का समय लगेगा।
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