Saharanpur News: सहारनपुर जनपद के मवी कला क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बिडवी शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र पर एक बार फिर घट-तौली को लेकर बड़ा हंगामा देखने को मिला। किसानों और क्रय केंद्र संचालक के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर अधिकारियों को पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। फिलहाल अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए गन्ना क्रय केंद्र के संचालन पर रोक लगा दी है।
किसानों ने लगाया आरोप
पूरा मामला मवी कला स्थित बिडवी शुगर मिल के गन्ना क्रय केंद्र का है। जानकारी के अनुसार, आज सुबह किसान अपने गन्ने को मिल में डालने से पहले तौल कराने के लिए क्रय केंद्र पर पहुंचे थे। इसी दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि क्रय केंद्र संचालक द्वारा गन्ने की घट-तौली की जा रही है। किसानों का कहना है कि उनके सामने ही तौल में गड़बड़ी की गई, जिससे उनका भारी नुकसान हो रहा था। घट-तौली का आरोप लगते ही किसानों का आक्रोश फूट पड़ा और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और मामले की सूचना बिडवी शुगर मिल प्रबंधन तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
केंद्र संचालक ने सफाई देते हुए क्या कहा?
किसानों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। किसान योगेश दहिया ने बताया कि इस गन्ना क्रय केंद्र पर लंबे समय से घट-तौली की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अक्सर किसानों को 10 से 15 प्रतिशत तक का नुकसान उठाना पड़ता है, जो कुंतलों के रूप में सामने आता है। इसका सीधा असर किसानों की मेहनत और उनकी आय पर पड़ता है। वहीं क्रय केंद्र संचालक की ओर से सफाई देते हुए कर्मचारियों ने बताया कि तौल में आई गड़बड़ी तोल मशीन के लोड सेल के खराब होने के कारण हुई थी। उनका कहना है कि जानबूझकर घट-तौली नहीं की गई। हालांकि अधिकारियों ने किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए फिलहाल क्रय केंद्र के संचालन पर रोक लगा दी है और मशीन की जांच के निर्देश दिए हैं।
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि तकनीकी खराबी के नाम पर बार-बार ऐसी घटनाएं होती हैं तो इसका वास्तविक लाभ किसे मिलता है और नुकसान हमेशा किसानों को ही क्यों उठाना पड़ता है। किसान संगठनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसानों के साथ इस तरह का अन्याय न हो। फिलहाल, अधिकारी मामले की जांच में जुटे हुए हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। किसानों को उम्मीद है कि इस बार उनकी आवाज सुनी जाएगी और उन्हें उनके हक का पूरा मूल्य मिलेगा।
Report By: Deepak Tiwari
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