Breaking News: जहां अक्सर खूबसूरती को लंबे बालों और सज-धज से जोड़ा जाता है, वहीं महिमा घई की शादी ने इस सोच को नई चुनौती दी। एलोपेसिया जैसी मेडिकल कंडीशन के साथ जी रहीं महिमा ने बिना विग, पूरे आत्मविश्वास के साथ शादी की रस्में निभाईं। उनके इस फैसले में सबसे बड़ी ताकत बने उनके जीवनसाथी शशांक, जिन्होंने साफ कहा तुम जैसी हो, वैसी ही खूबसूरत हो।
Breaking News: बचपन से एलोपेसिया के साथ जिंदगी
महिमा केवल दो साल की उम्र से एलोपेसिया से जूझ रही हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें सिर के बाल आंशिक या पूरी तरह झड़ जाते हैं। वर्षों तक इलाज, लोगों के सवाल, घूरती नजरें और समाज की असंवेदनशील टिप्पणियां ये सब उनके जीवन का हिस्सा रहीं। बाल झड़ना केवल शारीरिक समस्या नहीं था, इसका गहरा असर उनके मन और आत्मविश्वास पर भी पड़ा। लेकिन समय के साथ महिमा ने खुद को स्वीकार करना सीखा और अपनी पहचान को बालों से आगे देखा।
Breaking News: शादी के दिन लिया ऐतिहासिक फैसला
महिमा के लिए शादी का दिन दिखावे का नहीं, सच्चाई का दिन था। उन्होंने तय किया कि वे उस दिन किसी विग या बनावटी पहचान के पीछे नहीं छुपेंगी। उनका मानना था कि जब वे भविष्य में अपनी शादी की तस्वीरें देखें, तो उनमें वही महिमा दिखे जो असल में हैं।शादी जैसे मौके पर, जहां परंपराएं और सामाजिक दबाव चरम पर होते हैं, वहां बिना बालों के दुल्हन बनना अपने आप में एक साहसिक कदम था। यह फैसला किसी विरोध में नहीं, बल्कि सहज आत्मस्वीकृति से भरा हुआ था।
पति का साथ बना सबसे बड़ी ताकत
महिमा के इस फैसले में उनके पति शशांक की भूमिका बेहद खास रही। उन्होंने न सिर्फ महिमा का समर्थन किया, बल्कि उन्हें यह एहसास भी दिलाया कि सुंदरता किसी एक मापदंड की मोहताज नहीं होती।उनका यह साथ इस बात का उदाहरण है कि रिश्तों की असली खूबसूरती समझ, सम्मान और स्वीकार्यता में होती है।
Breaking News: सोशल मीडिया पर मिली सराहना
महिमा की शादी की तस्वीरें सामने आते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं भावुक कर देने वाली रहीं। किसी ने उन्हें “हिम्मत की मिसाल” बताया, तो किसी ने लिखा कि यह शादी नहीं, बल्कि सोच बदलने वाला कदम है।कई लोग जो खुद एलोपेसिया या बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्होंने कहा कि महिमा को देखकर उन्हें पहली बार उम्मीद और ताकत महसूस हुई। खासतौर पर कई महिलाओं ने स्वीकार किया कि वे आज भी इस समस्या को छुपाती हैं, लेकिन महिमा ने उन्हें खुद को अपनाने की प्रेरणा दी।
सिर्फ एक शादी नहीं, एक संदेश
महिमा की कहानी केवल एक दुल्हन की कहानी नहीं है, यह उस सोच को आईना दिखाती है जो आज भी सुंदरता को सीमित दायरों में बांधकर देखती है।
बिना नारे, बिना शोर महिमा ने अपने फैसले से बता दिया कि आत्मविश्वास, सच्चा प्यार और खुद को अपनाने की ताकत, किसी भी साज-सज्जा से कहीं ज्यादा खूबसूरत होती है।
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