Bihar News: मकर संक्रांति का पर्व भगवान सूर्य की उपासना का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन देशभर में श्रद्धालु सूर्य देव की आराधना करते हैं और पवित्र स्थलों पर स्नान कर पुण्य लाभ की कामना करते हैं।
सूर्य कुंड में स्नान का विशेष महत्व
14 जनवरी को मनाई जाने वाली मकर संक्रांति भगवान सूर्य को समर्पित पर्व है। इस दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे उत्तरायण कहा जाता है। इस अवसर पर बिहार के औरंगाबाद जिले के पास स्थित प्राचीन देव सूर्य मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। मकर संक्रांति के दिन मंदिर परिसर स्थित पवित्र सूर्य कुंड में स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस कुंड में स्नान और उगते सूर्य की उपासना करने से पापों का नाश होता है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
Bihar News: मकर संक्रांति पर उमड़ता है जनसैलाब
देव सूर्य मंदिर बिहार के प्रमुख सूर्य मंदिरों में से एक है, जहां सूर्य देव की पूजा सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों समय की जाती है। मकर संक्रांति और छठ पूजा के अवसर पर यहां सबसे अधिक भीड़ देखी जाती है। भक्त पहले सूर्य कुंड में स्नान करते हैं और फिर मंदिर के गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं। यह कुंड सालभर जल से भरा रहता है और इसे औषधीय गुणों से युक्त माना जाता है।
प्राचीन इतिहास और मार्तंड महोत्सव
मंदिर के निर्माण को मान्यता के अनुसार त्रेतायुग का बताया जाता है, जबकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) इसे पांचवीं-छठी शताब्दी का मानता है। मंदिर की वास्तुकला में गुप्तकालीन शैली की झलक मिलती है। मकर संक्रांति के दिन यहां ‘मार्तंड महोत्सव’ का आयोजन भी होता है, जिसमें लोक कला, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाती हैं। साथ ही भक्तों के लिए भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।







