RSS NEWS: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि पुरातत्वविद् डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर ने भीमबेटका के शैलचित्रों की खोज और गहन अध्ययन के माध्यम से भारत को वैश्विक सांस्कृतिक मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि भीमबेटका आज केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है और इसे विश्व धरोहर स्थल के रूप में विकसित किया गया है।
RSS की टोपी पहनकर लिया था पद्मश्री
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वाकणकर से जुड़ा एक अहम प्रसंग साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा पद्मश्री सम्मान दिए जाने के दौरान डॉ. वाकणकर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ‘ब्लैक कैप’ पहनकर यह सम्मान ग्रहण किया था। उन्होंने कहा कि डॉ. वाकणकर आरएसएस के विचारों से ओत-प्रोत थे और उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
RSS NEWS: भारतीय पुरातत्व को बनाया जन आंदोलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. वाकणकर ने पुरातत्व को केवल शोध तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप दिया। उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्रों में उन्होंने पुरातत्व के प्रति जन-जागरूकता पैदा की। उनके प्रयासों से महेश्वर, मंदसौर, कायथा, इंदौर सहित कई पुरातात्विक स्थलों का उत्खनन और अध्ययन हुआ।
अनेक विधाओं में थी वाकणकर की प्रतिभा
मोहन यादव ने कहा कि डॉ. वाकणकर बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, कविता और काव्य लेखन के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया। समारोह में पद्मश्री प्रो. यशोधर मठपाल को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया, जबकि सितार और कविता की प्रस्तुति से वाकणकर को श्रद्धांजलि दी गई।
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