Retail Inflation: दिसंबर 2025 में भारत में खुदरा महंगाई दर 1.33 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जो यह दर्शाती है कि देश में महंगाई फिलहाल काबू में है। यह लगातार चौथा महीना है जब खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय किए गए दायरे से नीचे बनी हुई है। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा साझा की गई है।

आरबीआई सीमा से नीचे
इस दौरान सबसे बड़ी राहत खाद्य महंगाई के मोर्चे पर देखने को मिली है। दिसंबर 2025 में खाद्य महंगाई दर -2.71% रही, यानी खाने-पीने की कई चीजों के दाम पहले की तुलना में कम हुए। खास बात यह है कि खाद्य महंगाई लगातार 7 महीने से नकारात्मक जोन में बनी हुई है। शहरों में खाद्य महंगाई दर -3.008 प्रतिशत रही, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह -2.09% दर्ज की गई।
Retail Inflation: ग्रामीण महंगाई कम
अगर कुल खुदरा महंगाई की बात करें तो शहरों में यह 2.53% और गांवों में 0.76 प्रतिशत रही। इससे साफ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई का असर अपेक्षाकृत कम रहा है। हालांकि कुछ वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी भी देखी गई। पर्सनल केयर से जुड़ी चीजों, सब्जियों, मांस और मछली, अंडे, मसाले और दालों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हेडलाइन् महंगाई दर में हल्की तेजी रही।
अन्य क्षेत्रों में महंगाई की स्थिति
अन्य क्षेत्रों में महंगाई की स्थिति अपेक्षाकृत संतुलित रही। दिसंबर 2025 में आवास महंगाई दर 2.86%, शिक्षा महंगाई दर 3.32%, और कम्युनिकेशन महंगाई दर 0.76% रही, जबकि ईंधन और सब्जियों की महंगाई 1.97% दर्ज की गई। इन सभी क्षेत्रों में नवंबर की तुलना में मामूली गिरावट देखी गई।

केरल में सबसे ज्यादा महंगाई
राज्यों की बात करें तो दिसंबर 2025 में केरल में सबसे अधिक 9.49% महंगाई दर्ज की गई। इसके बाद कर्नाटक 2.99%, आंध्र प्रदेश 2.71%, तमिलनाडु 2.67%, और जम्मू-कश्मीर 2.26% पर रहे।
कुल मिलाकर दिसंबर 2025 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि देश में महंगाई नियंत्रण में है और खासकर खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी आम लोगों के लिए राहत लेकर आई है।
Written By- Palak Kumari
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