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ग्रीनलैंड एनेक्सेशन बिल: अमेरिका को मिल सकता है नया रणनीतिक अधिकार

अमेरिकी सांसद रैंडी फाइन ने ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ पेश किया है। इसका उद्देश्य ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करना और भविष्य में इसे आधिकारिक राज्य बनाना है। बिल का मकसद चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव को रोकना और अमेरिका को आर्कटिक में रणनीतिक बढ़त दिलाना है। ग्रीनलैंड का आर्कटिक में स्थान, प्राकृतिक संसाधन और सैन्य महत्व इसे वैश्विक राजनीति के केंद्र में ला रहा है।
ग्रीनलैंड एनेक्सेशन: राष्ट्रपति के लिए नया अधिकार

Greenland Annexation: रिपब्लिकन सांसद रैंडी फाइन ने ‘ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट’ नाम का एक नया विधेयक पेश किया है। इस बिल का उद्देश्य ट्रंप प्रशासन को ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल (एनेक्सेशन) करने और भविष्य में इसे अमेरिका का आधिकारिक राज्य बनाने का कानूनी अधिकार देना है।

ट्रंप प्रशासन को ग्रीनलैंड शामिल करने का अधिकार

रैंडी फाइन ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह बड़ी खबर है। मुझे गर्व है कि मैंने यह बिल पेश किया है। यह विधेयक राष्ट्रपति को ऐसा रास्ता और साधन देगा जिससे ग्रीनलैंड को अमेरिकी संघ में शामिल किया जा सके।” उन्होंने बताया कि अमेरिका के विरोधी देश आर्कटिक क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, और अमेरिका इसे किसी भी हाल में होने नहीं दे सकता। उनका कहना है कि यह कदम चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।

रिपब्लिकन सांसद ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अमेरिका को ग्रीनलैंड हासिल करना चाहिए ताकि उसकी वैश्विक ताकत और प्रभुत्व मजबूत रहे। फाइन ने आगे कहा, “मेरा यह बिल इस योजना को हकीकत में बदल देगा। ग्रीनलैंड को अमेरिका का राज्य बनाकर अमेरिका को अगले एक सौ साल के लिए रणनीतिक बढ़त मिलेगी।”

Greenland Annexation: अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक बढ़त

उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम से चीन और रूस को यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका की संप्रभुता को चुनौती देना अब संभव नहीं है। प्रस्तावित कानून अमेरिका को यह अधिकार देगा कि वह ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बातचीत करे या आवश्यक कदम उठाए।

व्हाइट हाउस पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड हासिल करना चाहिए ताकि यह प्रतिद्वंद्वी देशों के प्रभाव में न चला जाए। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ग्रीनलैंड को अमेरिका और यूरोप की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से बहुत अहम मानते हैं।

लेविट के अनुसार, अगर अमेरिका ने समय पर कदम नहीं उठाया, तो भविष्य में चीन या रूस ग्रीनलैंड पर कब्जा कर सकते हैं, जो अमेरिका, यूरोप और ग्रीनलैंड के लिए खतरनाक होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका का नियंत्रण ग्रीनलैंड के हित में भी हो सकता है।

ग्रीनलैंड का वैश्विक महत्व और प्राकृतिक संसाधन

हालांकि, इस प्रक्रिया के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है, लेकिन व्हाइट हाउस ने यह स्पष्ट किया कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता में शामिल है।

ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है और इसकी रणनीतिक स्थिति के कारण आर्कटिक में वैश्विक शक्तियों की नजर लगातार बनी हुई है। जलवायु परिवर्तन, नए शिपिंग रूट्स और प्राकृतिक संसाधनों की होड़ ने ग्रीनलैंड को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। अमेरिका की वहां पहले से सैन्य मौजूदगी है, जबकि चीन और रूस भी आर्कटिक में अपनी महत्वाकांक्षाओं को तेजी से बढ़ा रहे हैं।

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