West Bengal: मकर संक्रांति के पावन स्नान का शुभ मुहूर्त शुरू होने में अब कुछ ही घंटे बाकी हैं। उससे पहले ही बुधवार को गंगासागर पहुंचे केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने सागर के जल में पुण्य स्नान किया। हालांकि तीर्थ यात्रा के माहौल के बीच ही उन्होंने गंगासागर मेले की व्यवस्था और राज्य सरकार की भूमिका को लेकर तीखे सवाल उठाए।
व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
सागर स्नान के बाद मीडिया से बातचीत में सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि गंगासागर मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की व्यवस्था में भारी लापरवाही बरती गई है। उन्होंने कहा कि मेले के आयोजन को लेकर प्रशासन की जिस तत्परता की जरूरत थी, उसका स्पष्ट अभाव नजर आ रहा है।
West Bengal: मेले के आयोजन में भ्रष्टाचार का आरोप
मेले के आयोजन को लेकर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सुकांत मजूमदार ने कहा, “गंगासागर मेला इसलिए किया जाता है ताकि नदी से भारी मात्रा में बालू निकाली जा सके। तृणमूल कांग्रेस के नेता बिना पैसे के वह बालू निकालकर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं और अपनी जेबें भर रहे हैं।”
West Bengal: गंगासागर सेतु को बताया ‘लॉलीपॉप’
इसके साथ ही बहुप्रतीक्षित गंगासागर सेतु के मुद्दे पर भी उन्होंने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सेतु निर्माण के लिए जितनी राशि आवंटित की गई है, उसमें वास्तव में कोई स्थायी पुल बनाना संभव नहीं है। उनके अनुसार, “यह सब चुनाव से पहले आम लोगों को लॉलीपॉप दिखाने के अलावा और कुछ नहीं है।”
राजनीतिक सरगर्मी तेज
West Bengal: कुल मिलाकर, मकर संक्रांति से ठीक पहले गंगासागर से राज्य सरकार के खिलाफ एक के बाद एक आरोप लगाकर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया है।
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