West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस की विदाई तय है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अब जनता से कोई सहानुभूति नहीं मिलने वाली।
चुनाव में सूपड़ा साफ होगा: दिनेश शर्मा
लखनऊ में आईएएनएस से बातचीत करते हुए भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि फिलहाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर के मुद्दे पर प्रेस वार्ता कर रही हैं, लेकिन कुछ महीनों बाद जब विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे और टीएमसी का सूपड़ा साफ हो जाएगा, तब उन्हें एक बार फिर प्रेस वार्ता करनी पड़ेगी।
West Bengal Elections: गलत नीतियों से खत्म हो रहा जनाधार
दिनेश शर्मा ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का जनाधार तेजी से कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की गलत नीतियों के कारण राज्य में भ्रष्टाचार और जबरदस्ती का माहौल बना है। चुनाव नजदीक आते ही ममता बनर्जी नए-नए हथकंडे अपनाएंगी, लेकिन अब जनता उनके बहकावे में आने वाली नहीं है।
सीमा सुरक्षा पर भारत पूरी तरह सतर्क
आर्मी चीफ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ मित्रतापूर्ण संबंध चाहता है, यही उसकी विदेश नीति रही है। हालांकि, सीमा पर किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को लेकर देश पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान की ओर से कोई दुस्साहस किया गया तो भारत उसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
West Bengal Elections: भगवान राम पर सपा नेता के बयान पर पलटवार
भगवान राम को लेकर समाजवादी पार्टी के एक नेता के बयान पर दिनेश शर्मा ने कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर सपा नेताओं की सोच वास्तव में राम जैसी समाजवादी होती, तो उनके शासनकाल में राम भक्तों पर गोलियां क्यों चलाई गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि सपा के बड़े नेता अपने परिवार के साथ राम मंदिर दर्शन के लिए क्यों नहीं गए।
राम सिर्फ भाषणों में नहीं, व्यवहार में भी होते हैं
भाजपा सांसद ने कहा कि भगवान राम सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आचरण में भी दिखाई देते हैं, जो सपा नेताओं के व्यवहार में नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने जातिवाद को समाप्त करने का संदेश दिया और रावण से युद्ध के लिए क्षत्रिय सेना नहीं, बल्कि वानर सेना के साथ विजय प्राप्त की।
श्रीराम को सही रूप में समझने की सलाह
दिनेश शर्मा ने सपा नेताओं को सलाह दी कि वे भगवान राम को राजनीतिक बयानबाजी का विषय बनाने के बजाय उनके आदर्शों और मूल्यों को सही अर्थों में समझने की कोशिश करें।
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