Alhlaq Lynching Case: बहुचर्चित अखलाक हत्याकांड मामले में एक बार फिर सुनवाई टल गई है। केस ट्रांसफर याचिका पर बहस होनी थी, लेकिन आरोपियों के अधिवक्ता ने अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने के लिए समय मांगा। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए इसे अंतिम अवसर बताया और अगली सुनवाई की तारीख 22 जनवरी निर्धारित कर दी।
अदालत का सख्त रुख
अदालत ने स्पष्ट किया कि अब स्थानांतरण याचिका (टीए) पर 22 जनवरी को अंतिम रूप से सुनवाई होगी। इसके बाद तय होगा कि मामला अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सौरभ द्विवेदी की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा या किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित किया जाएगा।
Alhlaq Lynching Case: स्थानांतरण याचिका का आधार
आरोपियों विनय, शिवम, सौरभ, संदीप, गौरव और हरिओम की ओर से 8 जनवरी को याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में दावा किया गया है कि पुलिस ने उन्हें झूठे मामलों में फंसाया है और यह पूरी कार्रवाई साजिश के तहत की गई है।
धारा 321 सीआरपीसी का आवेदन खारिज
आरोपियों ने धारा 321 सीआरपीसी के तहत मुकदमा वापस लेने का आवेदन भी दिया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। उनका कहना है कि अदालत ने उनका पक्ष सुने बिना निर्णय लिया।
Alhlaq Lynching Case: पीड़ित पक्ष की आपत्ति
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी बार-बार समय मांगकर मामले को लंबित कराने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है।
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