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हज कमेटी नियुक्ति पर सियासी बवाल: अबू आजमी ने सीएम फडणवीस से की कार्रवाई की मांग

हज कमेटी में नियुक्ति को लेकर सीएम को पत्र

Abu Azmi Haj Committee: समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अबू आजमी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखकर महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की कथित अवैध नियुक्ति का मुद्दा उठाया है।

कथित अवैध नियुक्ति पर तुरंत कार्रवाई की मांग

अबू आजमी ने इस पत्र की प्रति सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि हज कमेटी में की गई कथित गैर-कानूनी नियुक्ति पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि कानून, संविधान और अल्पसंख्यक संस्थाओं के अधिकारों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाना जरूरी है।

Abu Azmi Haj Committee: हज कमेटी के कानूनी ढांचे का हवाला

अपने पत्र में अबू आजमी ने महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में मनोज जाधव की नियुक्ति पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति बिना अधिकार क्षेत्र के की गई प्रतीत होती है और हज कमेटी को संचालित करने वाले कानूनी ढांचे का उल्लंघन करती है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी एक विशेष कानूनी व्यवस्था के तहत गठित संस्था है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इसका प्रशासन, नीतियां और कार्यप्रणाली इस्लामिक कानून, धार्मिक परंपराओं और हज यात्रा की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

Abu Azmi Haj Committee: हज कमेटी में नियुक्ति को लेकर सीएम को पत्र
हज कमेटी में नियुक्ति को लेकर सीएम को पत्र

गैर-मुस्लिम अधिकारी की नियुक्ति पर आपत्ति

अबू आजमी ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि कानून की मंशा यही है कि कमेटी का नेतृत्व और अहम प्रशासनिक नियंत्रण मुस्लिम समुदाय के उन प्रतिनिधियों के पास हो, जो धार्मिक जिम्मेदारियों और समुदाय की जरूरतों को भली-भांति समझते हों। ऐसे में एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर किसी गैर-मुस्लिम अधिकारी की नियुक्ति कानून की भावना और शब्द दोनों के खिलाफ है। उन्होंने इसे कानून के तहत मिले अधिकारों के दुरुपयोग के रूप में बताया।

Abu Azmi Haj Committee: संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप

सपा नेता ने यह भी कहा कि इस तरह की नियुक्ति से गंभीर संवैधानिक सवाल खड़े होते हैं और यह संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1), 25(1) और 26(क)-(ख) के तहत दी गई समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक संस्थाओं को अपने मामलों के संचालन के अधिकार का उल्लंघन करती प्रतीत होती है।

इसके अलावा, उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि पहले से मौजूद कानूनी फैसलों में यह बात साफ कही गई है कि धार्मिक और अल्पसंख्यक संस्थाओं का संचालन उनके कानूनी और संवैधानिक संरक्षण के अनुसार होना चाहिए और उनमें अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।

संवैधानिक मूल्यों के पालन की अपील

अबू आजमी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मनोज जाधव की महाराष्ट्र राज्य हज कमेटी के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में की गई नियुक्ति को रद्द किया जाए और कानून के अनुसार कमेटी के चुने हुए सदस्यों में से किसी योग्य मुस्लिम प्रतिनिधि को इस पद पर नियुक्त किया जाए।

पत्र के अंत में उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में कानून, संवैधानिक मूल्यों और अल्पसंख्यक अधिकारों के अनुरूप न्याय किया जाएगा।

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