AIPOC Conference 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा है कि 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) और विधानमंडलों के सचिवों के 62वें सम्मेलन की मेजबानी प्रदेश के लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन संसदीय लोकतंत्र की गरिमा को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
संवैधानिक मूल्यों पर केंद्रित होगा मंथन
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सतीश महाना ने कहा कि यह मंच विधायी मर्यादाओं, लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। देशभर से आए पीठासीन अधिकारी अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे संसदीय कार्यप्रणाली को नई दिशा मिलेगी।
AIPOC Conference 2026: राष्ट्रीय नेतृत्व का यूपी में स्वागत
विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ओम बिरला के नेतृत्व में संसदीय नवाचारों और तकनीकी समावेशन को नई गति मिली है।
योगी सरकार में बदली प्रदेश की छवि
सतीश महाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश माहौल में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। इससे प्रदेश की छवि राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर सशक्त हुई है।
AIPOC Conference 2026: लोकतंत्र के चार स्तंभों पर जोर
उन्होंने कहा कि विधायिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेही है। विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया ये चारों स्तंभ आपसी संतुलन और सम्मान से ही लोकतंत्र को मजबूत बना सकते हैं।
तीन दिन चलेगा लोकतांत्रिक संवाद
तीन दिवसीय सम्मेलन में डिजिटल तकनीक, संसदीय नवाचार और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। साथ ही, विधान भवन में आयोजित लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से विधानसभा की लोकतांत्रिक यात्रा को भी दर्शाया गया।
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