Unnao case: उन्नाव रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के खिलाफ याचिका पर 27 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख तय की है। दिल्ली हाईकोर्ट से कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत याचिका का सीबीआई ने विरोध किया है। केंद्रीय एजेंसी ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी, जिस पर 27 जनवरी को दोबारा सुनवाई होगी।
Unnao case: हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर हुआ था विरोध
कुलदीप सिंह सेंगर को हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर काफी विरोध हुआ था। हाईकोर्ट ने उसे जमानत देते हुए उसकी उम्रकैद की सजा पर भी रोक लगा दी थी। रेप पीड़िता और उसके परिवार के अलावा कई राजनीतिक दलों ने इस जमानत के खिलाफ प्रदर्शन किए थे, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। फिर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए कुलदीप सेंगर की जमानत रद्द कर दी। सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका खारिज कर दी। कुलदीप सिंह सेंगर इस मामले में 10 साल की सजा काट रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए उसे जमानत नहीं दी जा सकती।
पूर्व आपराधिक इतिहास नज़रंदाज़ नहीं किया जा सकता
Unnao case: कोर्ट ने कहा कि आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। यदि दोषसिद्धि के खिलाफ दायर अपील पर जल्दी फैसला किया जाता है, तो यह सेंगर के हित में होगा। हाईकोर्ट के अनुसार, कुलदीप सिंह सेंगर 10 साल की सजा में से लगभग 7.5 साल हिरासत में बिता चुका है। उसने समय-समय पर कई याचिकाएं दायर कर अपील के निपटारे में हुई देरी के लिए आंशिक रूप से खुद जिम्मेदार ठहराया गया है।
Written by: Yamini yadav
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