Ghaziabad News: आजकल सोशल मीडिया और इंटरनेट पर सब कुछ मौजूद है लेकिन यही सुविधा कभी-कभी बड़ी मुसीबत बन जाती है। गाजियाबाद के अंकुर विहार इलाके में रहने वाले जितेंद्र तिवारी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उन्होंने सोचा था कि किसी बड़ी कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेकर अपना काम जमाएंगे पर उन्हें क्या पता था कि वह शातिर साइबर ठगों के जाल में फंसे जा रहे हैं।
ठगों ने खेला खेल
जानकारी के अनुसार, जितेंद्र तिवारी ने एक ऑनलाइन वेबसाइट पर डाबर कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए आवेदन किया था। यहीं से ठगों ने अपना खेल शुरू कर दिया। ठगों ने डाबर कंपनी के नाम से मिलती-जुलती फर्जी ईमेल आईडी बनाकर उनसे संपर्क किया। जितेंद्र ने बताया कि ठगों ने उनसे बेहद प्रोफेशनल अंदाज में बातें की जिससे उन्हें उन पर भरोसा हो गया। जिसके बाद ठगों ने 18 नवंबर से लेकर 15 दिसंबर के बीच कभी प्रोसेसिंग फीस, कभी हैंडलिंग चार्ज तो कभी सिक्योरिटी मनी के नाम पर उनसे पैसा मांगना शुरू कर दिया।
Ghaziabad News: मामले की जांच में जुटी पुलिस
जितेंद्र ने बताया है कि ठाकुरों के प्रोफेशनल अंदाज के झांसे में आकर उन्होंने कुल 23 लाख 53 हजार रुपए उनके बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी ठगों ने उनसे और पैसे की मांग की तो उन्हें कुछ शक हुआ। जिसके बाद उन्होंने उनसे काम शुरू ना होने पर और माल ना भेजने पर अपने पैसे वापस मांगे तो ठगों ने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया। जितेंद्र ने साइबर क्राइम थाने में अपने साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के जरिए ठगों का पता करने का प्रयास किया जा रहा है।
Report BY: विभु मिश्रा
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