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राख-चारकोल से रचा इतिहास: नामखाना के किशोर अरूप का 1050 वर्गफुट का कैनवास

Bangal News

Bangal News: दक्षिण 24 परगना जिले के नामखाना प्रखंड के हरिपुर गांव के 17 वर्षीय किशोर अरूप मंडल ने अपनी प्रतिभा और संघर्ष से यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी भी हुनर के रास्ते की दीवार नहीं बन सकती। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 129वीं जयंती और गणतंत्र दिवस के अवसर पर अरूप ने 1050 वर्गफुट के विशाल कैनवास पर स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों के चित्र उकेरकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।

संघर्षों से भरा जीवन, लेकिन हौसले मजबूत

राजनगर विश्वंभर हाई स्कूल के कक्षा 11 के छात्र अरूप ने बचपन में पिता को खो दिया था। उनकी मां सब्जी के खेतों में मजदूरी कर परिवार चलाती हैं। परिवार की मदद के लिए अरूप पढ़ाई के साथ छोटे बच्चों को चित्रकला भी सिखाता है।

Bangal News: राख और चारकोल से रची अनोखी कला

महंगे रंग और ब्रश न होने पर अरूप ने लकड़ी की राख और चारकोल को पीसकर रंग तैयार किए। दोस्तों की मदद से स्कूल के मैदान में उसने स्वतंत्रता आंदोलन के दृश्य जीवंत कर दिए।

नेताजी प्रमुख आकर्षण, लोगों की उमड़ी भीड़

इस विशाल चित्रकला में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के साथ महात्मा गांधी, भगत सिंह, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल की आकृतियां उकेरी गई हैं। अरूप की यह कला आज पूरे नामखाना क्षेत्र के लिए प्रेरणा और गर्व का विषय बन गई है।

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